मैनपुरी।बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे अचानक मौसम ने करवट बदल ली। पहले आंधी शुरू हुई और इसके साथ ही बारिश भी शुरू हो गई। कुछ मिनटों में ही आंधी ने जमकर तबाही मचाई। शहर से लेकर देहात तक पेड़ा उखड़ गए। वहीं अस्थाई निमार्ण जैसे टिन शेड आदि को भी नुकसान हुआ।
सुबह से ही गर्मी के चलते लोग परेशान थे। दोपहर 12 बजे के करीब आसमान में बादल घिर आए। लोगों को बारिश के चलते गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन कुछ ही देर में तेज आंधी शुरू हो गई। इसके साथ ही बारिश भी होने लगी। आंधी इतनी तेज थी कि शहर व देहात में कई जगह पेड़ उखड़ गए। नवीन मंडी में मंडी समिति कार्यालय के पास एक विशालकाय यूकेलिप्टिस का पेड़ उखड़कर एक खोखे के ऊपर जा गिरा। हालांकि कोई भी जनहानि नहीं हुई। शहरी के किनारे स्थापित संतलाल इंडस्ट्रीज में भी आंधी के चलते कई शेड और मशीनों में नुकसान हुआ है।
इसके अलावा शहर के बीचों-बीच स्थित श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय के पास खड़ा आम का पड़ा भी आंधी के चपेट में आकर उखड़ गया। गनीमत रही कि कि पेड़ भवन के ऊपर नहीं गिरा, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल पहले से ही ये भवन बहुत जर्जर अवस्था में है। ऐसे में पेड़ गिरने से इसका धराशायी होना तय था। लगभग 20 मिनट की आंधी बारिश ने शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पेड़ों को अपनी चपेट में लिया।
मंडी में फसलें भीगीं, किसान परेशान
बृहस्पतिवार को सुबह मौसम साफ था। इसे देखते हुए किसान मक्का और गेहूं की फसल मंडी में बेचने के लिए लाए थे। किसानों ने खुले चबूतरों पर ही फसलों के ढेर लगाए थे। वहीं कुछ किसानों ने मक्का सुखाने के लिए उसे फैला दिया था। अचानक आई आंधी और बारिश के चलते किसानों की फसलें मंडी में ही भीग गईं। अब उन्हें इस फसल को तीन से चार दिन तक सुखाना होगा।
गर्मी से मिली क्षणिक राहत
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कुछ देर तो लोगों को गर्मी से राहत दिलाई, लेकिन कुछ ही देर में धूप निकलने से उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। अधिकतम तापमान जहां 39 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम तक लोग गर्मी से राहत पाने के लिए परेशान नजर आए।