एसएसपी ने बताया कि मृतक विजय उर्फ कुंवरपाल पत्नी की मौत के बाद पिछले करीब 20 वर्ष से दीक्षा के पास पति के रूप में रहता था। वह ढोलक बजाने के साथ दीक्षा की गाड़ी भी चलाता था। विजय, दीक्षा के नाम मकान को अपने छोटे बेटे रितुराज के नाम कराने को दवाब बना रहा था। दीक्षा का कहना है उसके साथ मारपीट करता था। इसी कारण दीक्षा ने उसे रास्ते से हटाने के लिए इंद्रा कालोनी का निवासी विष्णु धीमर उर्फ रोहित से संपर्क किया।
विजय को मरवाने के लिए चार लाख में सुपारी दे दी। रोहित ने एटा निवासी विपिन चौहान एवं भोला ठाकुर से बात कराई और 14 सितंबर को हत्या करने का वादा किया था। तीनों ने आकर हत्या की और फिर विष्णु दोनों को एटा छोड़कर आया था। एसएसपी ने कहा शीघ्र ही विपिन चौहान को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
विष्णु धीमर पर दर्ज हैं 15 मुकदमें
एसएसपी सचिंद्र पटेल ने कहा हत्या की सुपारी दिलाने वाले बिष्णु धीमर पर रामगढ़ और उत्तर थाने में हत्या लूट, फायरिंग, एनएसए सहित कई मुकदमें दर्ज हैं। एटा जिले के मोहल्ला गांधी मार्केट नई बस्ती निवासी भोला ठाकुर पुत्र महेंद्र चंद्र शूटर है। उस पर दो मुकदमें थाना रामगढ़ में दर्ज हैं।