स्थानांतरण आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी
भोगांव। तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष ने अपर जिलाधिकारी के स्थानांतरण आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। अध्यक्ष ने स्थानांतरण को शासनादेश का उल्लंघन बताया है। तहसीलदार ने लेखपाल को एक पक्षीय रूप से तहसील से कार्यमुक्त कर दिया है।
तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष मोती सिंह राजपूत को अपर जिलाधिकारी ने लगभग बीस दिन पहले तहसील भोगांव से हटाकर घिरोर तहसील में कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया था। घिरोर से एक लेखपाल को अध्यक्ष के स्थान पर भेजा गया था।आदेश के बाद दोनों ही तहसीलों से तहसीलदारों ने लेखपालों को कार्यमुक्त भी कर दिया है। लेखपाल संघ तहसील अध्यक्ष ने अपने घिरोर स्थानांतरण को राजनीति से प्रेरित बताया है। स्थानांतरण आदेश को निरस्त कराने के लिए उच्च न्यायालय प्रयागराज की शरण ली है। तहसीलदार कमलेश कुमार का कहना है कि आदेश की तामील कराते हुए लेखपाल मोती सिंह को कार्यमुक्त कर दिया गया है। लेखपाल मोती सिंह का कहना है कि उन्हें अहिरवा के पूर्व प्रधान के खिलाफ अवैध बिक्री की रिपोर्ट कराने के कारण हटाया गया है। उच्च न्यायालय में न्याय पाने के लिए याचिका दायर की है।