आगरा कैंट स्टेशन से वाया बाह बटेश्वर होकर इटावा जाने वाली डेमू पैसेंजर का शनिवार रात को उदी के पास एक्सल लॉक हो गया। इसके कारण गाड़ी डेढ़ घंटे तक बीहड़ में खड़ी रही। देर रात को आगरा कैंट से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) को रवाना किया गया।
आगरा कैंट स्टेशन से शाम 6.15 बजे चलकर इटावा जाने वाली डेमू पैसेंजर बीहड़ के रास्तों से होकर गुजरती है। सूत्रों ने बताया कि रात तकरीबन साढ़े नौ बजे ट्रेन बाह से उदी की ओर जा रही थी। इसी दौरान उदी के नजदीक इंजन का एक्सल लॉक हो गया। ट्रेन के पहिये जहां के तहां थम गए। इसकी जानकारी होने पर ड्राइवर ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्री परेशान हो गए। गाड़ी रात 11 बजे तक आउटर पर खड़ी रही। इस सिंगिल लाइन पर कोई दूसरी ट्रेन नहीं है। इस कारण किसी ट्रेन पर असर नहीं पड़ा। देर रात आगरा कैंट स्टेशन से एआरटी को उदी के लिए रवाना किया गया है।
आगरा दिल्ली झांसी ट्रैक एक नजर में
यात्री गाड़ियां प्रतिदिन : 165
माल गाड़ियां : 300
दूरी 195 किलोमीटर
प्रमुख ट्रेनें:
गतिमान एक्सप्रेस
शताब्दी एक्सप्रेस
ताज एक्सप्रेस
कर्नाटक एक्सप्रेस
गोवा एक्सप्रेस
जीटी एक्सप्रेस
आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस
तमिलनाडु एक्सप्रेस
सर्वोत्तम ट्रैक भी सुरक्षित नहीं
आगरा। देश के बेहतरीन ट्रैकों में से एक आगरा दिल्ली रेलवे ट्रैक के रखरखाव में भी लापरवाही बरती जा रही है। शनिवार को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में इस ट्रैक के महज 20 मीटर के भीतर ही नौै पटरियों को जोड़ने वाली नौ चाबियां टूटी मिलीं। कई चाबियां तो ट्रैक पर ही पड़ी हुई थीं। इस ट्रैक से ही देश की सबसे तेज रफ्तार गतिमान एक्सप्रेस और शताब्दी जैसी ट्रेनें गुजरती हैं। जरा सी लापरवाही किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
लखनऊ रामपुर के बीच रामपुर स्टेशन के पास शनिवार की सुबह राज्यरानी इंटरसिटी दुर्घटना का शिकार हो गई। ट्रैक में गड़बड़ी के कारण सात डिब्बे पटरी से उतर गए। इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं। इसके पहले महोबा में ...ट्रेन हादसे का शिकार हुई थी। हादसों के बाद रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा और संरक्षा पर खूब हल्ला मचाया जाता है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। शनिवार को आगरा दिल्ली रूट पर ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे क्रासिंग के पुराने गेट के पास का ट्रैक बदहाल मिला। इस ट्रैक पर महज 20 मीटर के क्षेत्र में ही चाबियां टूटी मिलीं। एक के बाद एक नौ चाबियां तो टूटी पड़ी थीं। इसके अलावा भी ज्वाइंट्स को कसने वाले बोल्ट गायब थे। आसपास के लोगों ने बताया कि ट्राली मैन यहां यदा कदा ही नजर आते हैं। जबकि ट्रैक पर हर तीन किलोमीटर के एरिया को चेक करने की जिम्मेदारी ट्रैक मैन की होती है। इसी ट्रैक से होकर गतिमान, शताब्दी और ताज एक्सप्रेस जैसी गाड़ियां गुजरती हैं। जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। यूं तो इस ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्रीवाल भी कराई जानी थी, लेकिन बाउंड्रीवाल केवल घनी आबादी वाले ही कुछ इलाकों में बन सकी है। इस संबंध में वाणिज्य प्रबंधक/पीआरओ नीरज भटनागर का कहना है कि अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
नहीं बदले आगरा फोर्ट पर ट्रैक के हालात
आगरा। आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के आउटर पर रेलवे ट्रैक बदहाल है। महोबा में मरुधर एक्सप्रेस के हादसे के बाद अमर उजाला ने इस ट्रैक की बदहाली पर रोशनी डाली थी। स्टेशन से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर ट्रैक पूरी तरह बदहाल है। कई जगह लकड़ी के स्लीपरों से पटरियों के बीच गैप को कम किया गया है। इसके साथ ही सीमेंटेड ट्रैक के स्लीपर भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई जगह इस ट्रैक में भी चाबियां गायब थीं। इसके बाद भी ट्रैक की मरम्मत अभी तक नहीं कराई जा सकी है।