गर्मियों की छुट्टियों में सैरसपाटे की योजना बना रहे हैं तो पहले ट्रेनों का हाल जान लें। हो सकता है उस डेस्टिनेशन की टिकट आपको मिले ही नहीं। चार माह पहले रिजर्वेशन का लाभ उठाते हुए पहले ही टिकटें बुक कराई जा चुकी हैं। यही वजह है कि महत्वपूर्ण ट्रेनें अभी से हाउसफुल हो चुकी हैं। बहुत सी में ‘नोट अबेलेवल’ का बोर्ड लग गया है। शायद समर स्पेशल ट्रेन से बात बन जाए।
गोवा, मुंबई, देहरादून, कोलकाता, जौधपुर, जम्मू, केरल, बंगलूरू, चेन्नई, अमृतसर, अहमदाबाद, कोटा, पुणे, सिरडी आदि जगहों के लिए ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही है। वेटिंग डेढ़ सौ से पार जा चुकी है। वहीं उत्कल, गरीब रथ, दुरुंतो, मंगला, गोवा, झेलम, कर्नाटक अमृतसर, तमिलनाडु, हीराकुंड, देहरादून-इंदौर, मालवा, और कोंगो एक्सप्रेस में अभी से सीट न होने की घोषणा होने लगी है।
इनमें है लंबी वेटिंग
जोधपुर-हावड़ा, चंबल, हबीबगंज, स्वर्णजयंती, मरुधर एक्सप्रेस, मथुरा-पटना, आंध्र प्रदेश, केरला, पंजाब मेल, सचखंड, तमिलनाडु और गोंडवाना एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग शुरू हो गई है, जिसका कन्फर्म होना मुश्किल होगा। इसमें वेटिंग अभी से डेढ़ सौ पार कर चुकी है।
कोटे के लिए सिफारिशें
रेलवे प्रत्येक ट्रेन में इमरजेंसी कोटा रखता है। ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सीट मिल सके। इस कोटे का नाम अधिकारियों ने अपनी सहूलियत के लिए बदल लिया है। इसे इमरजेंसी न कहकर वीआईपी कोटा कहा जाता है। इस पर नेता और अधिकारियों की सिफारिशें चलती हैं।