कासगंज। कासगंज-बरेली रेल ट्रैक पर किए गए विद्युतीकरण के काम का मुख्य संरक्षा आयुक्त ने इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाकर निरीक्षण किया। उन्होंने स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर इस ट्रैक का निरीक्षण किया। सीआरएस ने सुरक्षा के सभी मानक देखे और अधीनस्थों से गहनता से जानकारी ली।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ परिमंडल के मुख्य संरक्षा आयुक्त लतीफ खान मंगलवार को बरेली से ट्रैक का निरीक्षण करते हुए शाम लगभग छह बजे कासगंज जंक्शन स्टेशन पहुंचे। इससे पहले उन्होंने इस ट्रैक के सभी स्टेशनों पर जगह जगह रुककर निरीक्षण किया। विद्युत आपूर्ति के लिए बनाए गए सब स्टेशनों की व्यवस्था देखी।
सोरों, बितरोई और बदायूं में उन्होंने काफी देर तक सुरक्षा के मानक परखे। रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों से उन्होंने गहनता से जानकारी ली। कहा कि सुरक्षा के मानक भविष्य में भी अधूरे नहीं रहने चाहिए। कासगंज तक निरीक्षण करने के बाद सीआरएस स्पेशल ट्रेन गति परीक्षण के लिए बरेली ट्रैक पर दौड़ी। अब सीआरएस से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इसके बाद यहां अधीकृत रूप से इलैक्ट्रिक इंजन चलने लगेंगे।
ये रहे मौजूद
सीआरएस के निरीक्षण में इज्जतनगर मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार, रेल विकास निगम लिमिटेड के सीपीएम संजीव सहगल, लिमिटेड के महाप्रबंधक मनोज कुमार, प्रबंधक कृष्णमोहन विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
आंकड़े की नजर से -
- 200 करोड़ रुपये की लागत से इस ट्रैक पर हुआ है विद्युतीकरण का काम।
- 105 किलोमीटर इलैक्ट्रिक ट्रैक पर सीआरएस ने किया गति परीक्षण।
- 19 स्टेशन हैं कासगंज से बरेली के मध्य, सभी जगह देखीं व्यवस्थाएं।
- 1 मुख्य विद्युत आपूर्ति केंद्र है कासगंज में।
- 4 विद्युत उपकेंद्र हैं कासगंज-बरेली ट्रैक पर।
- मुख्य संरक्षा आयुक्त ने इस ट्रैक पर बरेली से कासगंज के बीच निरीक्षण करने के बाद कासगंज से बरेली तक इलैक्ट्रिक इंजन स्पेशल ट्रेन से गति परीक्षण किया। अब इस ट्रैक पर इलैक्ट्रिक इंजन से ट्रेन व मालगाड़ी दौड़ाने के लिए सीआरएस हरी झंडी देंगे। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल।