आगरा में यातायात नियमों का उल्लंघन थमने का नाम नहीं ले रहा है। रामबाग से टेढ़ी बगिया और जलेसर रोड पर रविवार को भी ऑटो चालक क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाकर बेखौफ दौड़ते रहे। वहीं, दिल्ली हाईवे पर बस चालक अवैध रूप से जगह-जगह बसें रोककर सवारियां भरते रहे।
आगरा यातायात पुलिस की लगाम बेअसर साबित हो रही है। हालांकि, यातायात पुलिस ने अभियान चलाकर 10 बसें और 7 ऑटो सीज करने का दावा किया है। बीते वर्ष जनवरी में गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास हुए एक भीषण हादसे में 13 वर्षीय बच्चे सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने अभियान चलाकर ऑटो में अतिरिक्त सीटें हटवाई थीं और चालकों को सख्त निर्देश दिए थे। कुछ दिनों की सख्ती के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। आए दिन लूटपाट और अन्य अपराधों के मामले सामने आने के बावजूद चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अधिकांश चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है।
विज्ञापन
मंत्री के आदेश भी बेअसर
आईएसबीटी के बाहर सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार सरकारी बस ने राहुल नामक युवक को कुचल दिया था। इसके बावजूद, रविवार को रामबाग, वाटरवर्क्स, सुल्तानगंज की पुलिया, अबुल उलाह दरगाह कट, भगवान टॉकीज चौराहा और आईएसबीटी के बाहर बस चालक अवैध रूप से बसें रोककर सवारियां भरते रहे। आईएसबीटी फ्लाईओवर के नीचे तो बस चालकों ने अवैध बस अड्डा ही बना लिया है। यह स्थिति तब है जब जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने समीक्षा बैठक में इस पर प्रभावी रोक लगाने के आदेश दिए थे।
वाहन सीज करने का दावा
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि यातायात पुलिस ने अभियान चलाया। अबुल उलाह दरगाह कट, सुधा नर्सरी और रामबाग पुल पर चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 बसों और 7 ऑटो व ई-रिक्शा को सीज किया गया। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।