बारिश ने सड़कों को लबालब करने के साथ ट्रैफिक को भी जाम कर दिया। मुुसीबत का ऐसा जाम जो सुबह से रात तक नहीं खुल पाया। क्या एनएच-2 और क्या एमजी रोड ... हर सड़क पर ट्रैफिक घंटों-घंटों जहां का तहां थमा रहा। देहली गेट पर हालात सबसे खराब रहे। बारिश में भीगते लोग इस मुसीबत से जूझते रहे और ट्रैफिक पुलिस में सिपाही से लेकर अफसर तक कोई कहीं नजर नहीं आया। पुलिस के आला अफसरों ने भी कोई ध्यान नहीं दिया।
एनएच-2 पर सिकंदरा से खंदारी, भगवान टाकीज, सुल्तानगंज की पुलिया, वाटर वर्क्स पर सुबह ही ट्रैफिक जाम हो गया। एक तो हाईवे पर चल रहा काम। दूसरा सर्विस लेन का टूट जाना। तीसरा खंदारी पर लगा मेला। सैंकड़ों वाहन फंस गए। यहां ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं थी।
दोपहर को स्कूलों की छुट्टी के समय मदिया कटरा रोड जाम में जकड़ गए। देहली गेट, हरी पर्वत, एमजी रोड तक पर ट्रैफिक थम गया। लोग बाग फरजाना और लोहा मंडी होकर निकलने लगे तो यहां भी जाम लग गया। दो से साढ़े चार बजे तक बुरा हाल रहा। इसी दौरान सबसे तेज बारिश हुई । देर शाम यहां फिर जाम लगा। रात में वाटर वर्क्स पर ट्रैफिक जाम हो गया।
घंटों फंसे रहे हजारों छात्र
सोमवार को आगरा कालेज में भी प्रवेश परीक्षा थी। दोपहर को इसके समाप्त होनेपर राजामंडी पर जाम लग गया। सैंकड़ों छात्र घंटों एमजी रोड पर फंसे रहे। स्कूल-कालेजों की छुट्टी हुई तो जाम और भीषण हो गया। हजारों छात्र-छात्राएं फंस गए। सेंट जोंस से नालबंद तक वाहनों की लाइन लगी रही।
मरीजों ने भी झेली मुसीबत
देहली गेट और बाग फरजाना में कई हास्पिटल और पैथोलॉजी हैं। इनमें आने वाले मरीज भी फंस गए। एमजी रोड पर एसएन मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज और तीमारदार फंसे रहे। एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिला।
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि हाईवे पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं मुड़िया मेले को लेकर किए गए डायवर्जन में रुनकता, छलेसर और पाटौली पर 18 पुलिस कर्मी लगे हैं। मथुरा में भी पहले से 20 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी है।