उत्तरी बाईपास शुरू होने से लोगों के लिए बड़ी सुविधा हो गई है। इस रूट से गुजरने वाले वाहनों की संख्या बढ़ रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी वाहनों का सर्वे भी कर रही है। इससे बाईपास पर गुजरने पर वाले वाहनों की संख्या का आकलन हो सकेगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव ने बताया कि 4 दिसंबर से उत्तरी बाईपास शुरू कर दिया है। इसे आगरा-दिल्ली हाईवे के चैनल नंबर 174 से यमुना एक्सप्रेस वे के 141 को जोड़ा गया है। इससे खंदौली पहुंचना आसान हो गया है। मथुरा-कानपुर के बीच आनेजाने वाले भारी वाहन भी उत्तरी बाईपास का उपयोग कर सकते हैं।
वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए साइनेज और संकेतक भी लगाए जा रहे हैं। उत्तरी बाईपास पर भारी और हल्के चार पहिया वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। इनका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसका डेटा मुख्यालय भी भेजा जाएगा। दरअसल, जिला पर्यावरण समिति की बैठक में भारी वाहनों के एनएच-19 के बजाय उत्तरी बाईपास से गुजारने का सुझाव दिया था, जिस पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इसके लिए एनएचएआई और यातायात पुलिस को साइनेज लगाने के लिए निर्देशित किया था।