ताजनगरी में बड़े-बड़े शोरूम, मॉल और होटल, लेकिन पार्किंग के लिए सड़क का इस्तेमाल। ऐसे में सड़क पर जाम की समस्या देखते हुए नगर निगम ने सोमवार को हुए अधिवेशन में सर्व सम्मति से ट्रैफिक कंजेशन चार्जेज/लेवी का प्रस्ताव पास कर दिया।
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अब अगर पार्किंग की जगह सार्वजनिक जगह पर वाहन खड़े पाए गए तो उस व्यवसायिक भवन के संचालक से शुल्क वसूला जाएगा। बड़े शोरूम, गैराज, नर्सिंग होम, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर, मॉल, सिनेमा हॉल, बैंक, स्कूल, रेस्टोरेंट, बार, होटल, ट्रांसपोर्ट कंपनी पर यह शुल्क लागू होगा।
नगर निगम सदन के अधिवेशन में मेयर नवीन जैन की अध्यक्षता में पार्षदों ने एकमत से ट्रैफिक कंजेशन चार्जेज/लेवी नियमावली 2019 को पास कर दिया। सितंबर में इस नियमावली के प्रकाशित होने के बाद कोई आपत्त्ति नहीं मिली थी।
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मेयर नवीन जैन, अपर नगरायुक्त केवी सिंह, जीएम आरएस यादव
- फोटो : अमर उजाला
मेयर नवीन जैन ने सदन में कहा कि सार्वजनिक बाजारों में कार खड़ी करने पर ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है। सड़क का दुरुपयोग हो रहा है। सड़क पर वाहनों की पार्किंग करने को हतोत्साहित करने के लिए यह लेवी लगाई गई है। लेवी की धनराशि अलग खाते में जमा होगी, जिसका उपयोग सड़क निर्माण, पार्किंग, मरम्मत पर किया जाएगा।
सर्किल रेट पर वसूला जाएगा कंजेशन चार्ज
प्रतिष्ठान के सामने वाहन खड़ा करने पर सड़क के जिस हिस्से का दुरुपयोग हो रहा है, उसकी गणना डीएम द्वारा तय सर्किल रेट के आधार पर होगी। सर्किल रेट का 5 फीसदी ट्रैफिक लेवी के रूप में तय होगा। तय क्षेत्रफल से ज्यादा किसी प्रतिष्ठान ने निगम की जमीन का उपयोग किया तो बढ़े क्षेत्रफल पर लेवी दोगुनी हो जाएगी।
ट्रैफिक कंजेशन चार्जेज/लेवी नियमावली 2019 के मुताबिक शोरूम, अस्पताल, मॉल, कोचिंग सेंटरों को सालाना चार्ज देना होगा। एक अप्रैल से यह व्यवस्था लागू होगी। साप्ताहिक बंदी को छोड़कर 274 दिनों के लिए शुल्क की गणना की जाएगी। हर साल 30 जून तक प्रतिष्ठानों को लेवी जमा करानी होगी। एक साल में अगर यह जमा न की गई तो 8 फीसदी ब्याज देना होगा।
अपनी पार्किंग वालों को नहीं देना होगा चार्ज
मेयर नवीन जैन ने स्पष्ट किया कि केवल बड़े शोरूम, मॉल, अस्पताल आदि पर ही यह नियम लागू होगा और जो प्रतिष्ठान केवल अपनी पार्किंग का ही उपयोग कर रहे हैं और निगम की जमीन का उपयोग नहीं करते, उन्हें यह चार्ज नहीं देना होगा। छोटे दुकानदार मसलन किनारी बाजार, राजा की मंडी आदि बाजारों में उनके स्कूटरों की पार्किंग इस दायरे से बाहर होगी। उन पर टैक्स नहीं लगेगा।