बैंक खाते पर लगाए जा रहे शुल्कों के विरोध में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। चेक बाउंस होने पर पेनल्टी चार्ज सिर्फ चेक जारी करने वाले पर लगाए जाने, साथ ही चालू व लिमिट खातों से कैश हैंडलिंग चार्ज तुरंत हटाने की मांग की।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के बैनर तले व्यापारियों ने बुधवार को बैंकों की ओर से खातों पर लगाए जा रहे अनावश्यक शुल्कों के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय ने कहा कि राजस्व नुकसान रोकने और व्यापारिक लेनदेन सुगम बनाने के लिए सभी सरकारी बैंकों को सातों दिन खोला जाए। उन्होंने मिनिमम बैलेंस पेनल्टी समाप्त करने और केवाईसी की समय-सीमा बढ़ाकर 10 वर्ष करने की मांग उठाई।
कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया ने कहा कि चेक बाउंस होने पर पेनल्टी चार्ज सिर्फ चेक जारी करने वाले पर लगाया जाना चाहिए, निर्दोष प्राप्तकर्ता पर नहीं। साथ ही चालू व लिमिट खातों से कैश हैंडलिंग चार्ज तुरंत हटाया जाए। महानगर मंत्री रामकुमार अग्रवाल ने कहा कि नियमित लोन और लिमिट खातों से सालाना रिन्यूअल व री-वैल्यूएशन शुल्क वसूलना अनुचित है।
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उन्होंने एनपीए समय-सीमा 3 माह से बढ़ाकर 6 माह करने की मांग की ताकि व्यापारियों का चलता व्यवसाय नष्ट न हो। इस अवसर पर कपूर चंद रावत, पंकज अग्रवाल, वीरेंद्र सिंह पिप्पल, रामकुमार मित्तल, कुतुब मलिक, अबरार खान, सतीश वर्मा, पीयूष अग्रवाल और अनुपम जैन आदि व्यापारी उपस्थित रहे।