नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस शुल्क पर मेयर से वार्ता करते व्यापारी स्त्रोत संगठन
आगरा। नगर निगम के ट्रेड लाइसेंस शुल्क के विरोध में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध फिलहाल थम गया है। मेयर हेमलता दिवाकर के शुल्क में संशोधन और आगामी कार्यकारिणी में प्रस्ताव लाने के आश्वासन पर व्यापारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है।
आगरा सर्राफा एसोसिएशन और उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले सोमवार को व्यापारियों ने नगर निगम में मेयर हेमलता दिवाकर से मुलाकात की। व्यापारियों ने कहा कि नया शुल्क पूरी तरह अव्यावहारिक है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इस पर मेयर ने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्यकारिणी बैठक में संशोधन प्रस्ताव लाया जाएगा। सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने मेयर पर भरोसा जताया है, लेकिन यह केवल अल्पविराम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक में शुल्क समाप्ति या संतोषजनक संशोधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इस दौरान अशोक कुमार अग्रवाल, बृज मोहन रैपुरिया, मनोज गुप्ता, मयंक अग्रवाल, गणेश चंद्र गोयल, राजकुमार अग्रवाल, अनिल मित्तल, पवन कुमार वर्मा, विजय अग्रवाल, जुगल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
30 हजार व्यापारी सौंपेंगे चाबियां
व्यापारी नेता नरेश पांडेय और सुरेश लवानिया ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि व्यापारियों की मांग की अनदेखी की गई, तो शहर के 30 हजार व्यापारी दुकानों की चाबियां नगर निगम में जमा कर देंगे। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में होने वाले किसी भी विरोध प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। व्यापारियों का तर्क है कि सर्राफा जैसे व्यापार में टर्नओवर अधिक होता है लेकिन मुनाफा सीमित है। ऐसे में टर्नओवर आधारित शुल्क छोटे व्यापारियों को बर्बाद कर देगा।