ट्रेड लाइसेंस शुल्क के विरोध में व्यापारियों का आंदोलन फिलहाल टल गया है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यदि अगली बैठक में शुल्क समाप्ति या संतोषजनक संशोधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई, तो और अधिक उग्र आंदोलन होगा।
नगर निगम द्वारा लागू किए ट्रेड लाइसेंस शुल्क के विरोध में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध फिलहाल थम गया है। सोमवार को मेयर हेमलता दिवाकर के शुल्क में संशोधन और आगामी कार्यकारिणी में प्रस्ताव लाने के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।
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आगरा सराफा एसोसिएशन और आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने नगर निगम पहुंचकर मेयर हेमलता दिवाकर से मुलाकात की। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि नया शुल्क पूरी तरह अव्यावहारिक है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इस पर मेयर ने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्यकारिणी की बैठक में संशोधन प्रस्ताव लाया जाएगा।
अभी विराम है, समाधान नहीं
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने सद्भावना दिखाते हुए मेयर के वचन पर भरोसा जताया है, लेकिन यह केवल अल्पविराम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अगली बैठक में शुल्क समाप्ति या संतोषजनक संशोधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई, तो और अधिक उग्र आंदोलन होगा।
30 हजार व्यापारी सौंपेंगे चाबियां
व्यापारी नेता नरेश पांडेय और सुरेश लवानिया ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यापारियों की मांग की अनदेखी की गई, तो शहर के 30 हजार व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां नगर निगम में जमा कर देंगे। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में होने वाले किसी भी विरोध प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
व्यापारियों का तर्क है कि सराफा जैसे व्यापार में टर्नओवर अधिक होता है लेकिन मुनाफा सीमित, ऐसे में टर्नओवर आधारित शुल्क छोटे व्यापारियों को बर्बाद कर देगा। इस दौरान प्रमुख रूप से अशोक कुमार अग्रवाल, बृज मोहन रैपुरिया, मनोज गुप्ता, मयंक अग्रवाल, गणेश चंद्र गोयल, राजकुमार अग्रवाल, अनिल मित्तल, पवन कुमार वर्मा, विजय अग्रवाल, जुगल अग्रवाल, अनिल नागवानी, प्रमोद मेडतवाल और संजय गुप्ता सहित कई अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।