फतेहपुर सीकरी के मोहल्ला खिड़की आगा में तेल व्यपसायी दिनेश चंद सिंघल की हत्या कर डाका डालने वाले बदमाश स्थानीय बोली बोल रहे थे। उनकी उम्र 30-35 साल होगी। उन्होंने दिनेश चंद और उनकी पत्नी उर्मिला से कहा, हमें अलमारियों की चाभी दे दो, वरना दोनों जान से जाओगे। सिंघल ने जैसे ही चाभी देने से मना किया, वैसे ही बदमाश दंपति पर टूट पड़े।
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भाजपा सांसद बाबूलाल
- फोटो : अमर उजाला
बदमाशों ने दिनेश सिंघल का गला दबाया और तभी छोड़ा जब सांस टूट गई। उर्मिला के मुंह में कपड़ा ठूंसा। इसके बाद बेरहमी से पीटा। बदमाशों ने सोचा कि दोनों मर गए हैं। उर्मिला बेहोश हुईं थी। इसके बाद बदमाशों ने लूटपाट की। उर्मिला के होश में आने पर पुलिस ने उनसे जानकारी ली। वह बुरी तरह से सहमी हुई हैं। एक तो सुहाग उजड़ जाने का गम है और दूसरा वारदात की दहशत है। वह ज्यादा बोल नहीं पा रही हैं। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिनेश चंद की मृत्यु का कारण सिर में अंदरूनी चोट और हार्ट अटैक आया है। बदमाशों ने पिटाई की जिससे दहशत हुई और हार्ट अटैक आ गया।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उर्मिला का रो रोकर बुरा हाल है। आंखों में आंसू रुक नहीं रहे। बिलखते हुए एक ही बात बोल रही हैं, बदमाश मेरी जान ले लेते, वह उन्हें ( दिनेश चंद सिंघल ) को छोड़ देते।
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घटनास्थल पर पुलिस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने घटना की जांच शुरु कर दी। अभी तक कोई सुराग तो नहीं मिला है, लेकिन शक है कि बदमाश व्यापारी के जानकार हो सकते हैं।
मौके पर एसएसपी अमित पाठक, एसपीआरए रवि कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी दीक्षा शर्मा, क्षेत्राधिकारी नम्रता श्रीवास्तव पहुंचे। परिजनों सहित मोहल्लेवासियों से घटना के बारे में जानकारी ली।
पुलिस का अनुमान है कि बदमाश स्थानीय और जानकार हो सकते हैं। इसके पीछे तर्क यह है कि एक तो बदमाश नकाब पहनकर आए। दूसरा, चाभी न मिलने पर मारपीट नहीं की, सीधे हत्या कर दी। ऐसा बदमाश तभी करते हैं जब उनकी पहचान हो गई हो या फिर उन्हें इस बात का डर हो कि व्यापारी ने पहचान लिया होगा। बदमाश दीवार फांदकर आए। उन्हें इस बात की जानकारी रही होगी कि घर में कैश है। दिनेश चंद सिंघल सरसों का स्पेलर चलाते थे। तेल निकालने के लिए सरसों खरीदने के लिए कैश रखा था। इसका पता बदमाशों को कैसे चला कि घर में कैश रखा है?