ताजमहल का दीदार करने के लिए रविवार को देशी-विदेशी पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के मुताबिक, रविवार को 25,326 हजार पर्यटकों ने ताज की खूबसूरती को अपनी यादों में कैद किया।
सुबह से ही ताजमहल के पश्चिमी और पूर्वी गेट पर पर्यटकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भीड़ में स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए सैलानी भी शामिल रहे। ताजमहल पर पर्यटकों की भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। मुख्य मार्गों पर वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। स्थिति यह रही कि दोपहर तक पार्किंग फुल हो गए, जिसके चलते सैलानियों को अपने वाहन काफी दूर खड़े कर पैदल ही स्मारक तक पहुंचना पड़ा।
पर्यटन नगरी में जाम से किरकिरी, देश-दुनिया में धूमिल हो रही आगरा की छवि
ताजनगरी में बेकाबू होती ट्रैफिक व्यवस्था और हर मार्ग पर लग रहे लंबे जाम पर शहर के प्रबुद्ध वर्ग ने चिंता जताई है। हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि जाम की इस समस्या से न केवल स्थानीय लोग, बल्कि सात समंदर पार से आने वाले विदेशी पर्यटक भी बेहद परेशान हैं। जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश की छवि खराब हो रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में टूरिस्ट सीजन अपने चरम पर है। रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर, शहर में मेट्रो और विकास कार्यों के चलते कई रास्ते प्रभावित हैं। ताजमहल और लाल किला मार्ग जैसी वीआईपी सड़कों पर घंटों तक जाम लगा रहता है, जिससे सैलानियों को कड़वा अनुभव लेकर लौटना पड़ रहा है।सामाजिक कार्यकर्ता अदनान कुरैशी ने कहा कि जाम की वजह से एंबुलेंस और निजी वाहनों में फंसे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने अपील की कि बड़े वाहनों को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर जाने से बचें और एंबुलेंस को प्राथमिकता दें।