राजस्थान के सवाई माधोपुर से एसटीएफ आगरा यूनिट की टीम ने तीन आरोपियों सुमित मीणा, साहिल और साजिद को गिरफ्तार किया था। प्रश्नपत्र देकर वसूली के लिए टेलीग्राम पर तीन ग्रुप बनाए गए थे। ग्रुप के माध्यम से आवेदकों को जोड़ लिया गया। 10 से 12 हजार रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।
एसटीएफ सवाई माधोपुर पहुंची। साइबर क्राइम थाना के सीओ जयप्रकाश और उनकी टीम से संपर्क किया। इसके बाद आरोपी पकड़े गए। एसटीएफ टीम के प्रभारी यतेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपियों के गिरोह का सरगना सुमेर मीणा है। वह साइबर ठगी में एक्सपर्ट है। इलाके में कई गैंग सक्रिय हैं जो लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इन दिनों गिरोह पर्यटन स्थलों में घूमने आने वाले पर्यटकों को शिकार बना रहा था।
पर्यटन स्थल से मिलते-जुलते ऑनलाइन टिकट के पोर्टल, होटल बुकिंग की फर्जी साइट और रेस्तरां के बार कोड बनाकर ठगी करते हैं। पर्यटक के खाते से रकम कट जाने पर उसे ठगी की जानकारी होती है। शिकायत नहीं होने से आरोपियों को फायदा मिल जाता है।
नौकरी न पाने से करने लगा ठगी
एसटीएफ के मुताबिक, सवाई माधोपुर के कई गांव में बेरोजगार युवा इसी काम में लगे हुए हैं। भागा हुआ आरोपी सुमेर मीणा जयपुर में एसएससी की तैयारी करने गया था। मगर भर्ती नहीं हो सका। वह गांव में महंगी गाड़ियों में घूमता है। महंगे शौक रखता है। इसलिए उसने ठगी का तरीका सीख लिया। जयपुर में उसका संपर्क कोचिंग में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों से हो गया था। आरोपी ने युवाओं से यह कह रखा था कि उत्तर प्रदेश में उसकी पहचान है। वह पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र दिलवा देगा। फर्जी आईडी से खाते खुलवाए। इन खातों में ही रकम वसूली जा रही थी। पेपर से अब तक 10 लाख रुपये जमा कर लिए थे।