रविवार को भी आगरा पूरे प्रदेश में सबसे गर्म शहर बना रहा। लगातार तीसरे दिन ताजनगरी दहकी और लोग बेहाल हो उठे। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान आगरा में 45.8 डिग्री दर्ज किया गया। उसके बाद इलाहाबाद में 44.7, झांसी में 44.6 और बांदा में 44.2 डिग्री पारा रहा। रविवार को दोपहर में मानो अंगारों की बारिश हुई। चार बजे से बादलों की लुकाछिपी शुरू हुई, इसके बाद उमस ने भी लोगों को बेहाल कर दिया। न केवल दिन, बल्कि रात में भी तापमान सामान्य से चार डिग्री ऊपर 31.4 डिग्री तक पहुंच गया।
शनिवार के मुकाबले रविवार को पारा दो डिग्री कम 45.8 डिग्री पर दर्ज किया गया। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री पर पहुंच गया था, वहीं रविवार को यह कम तो हुआ, लेकिन उमस ने गर्मी का सितम और बढ़ा दिया। दोपहर बाद तो कूलर फेल हो गए और पसीने से लोग भीगे रहे।
आज शाम तक आंधी, बूंदाबांदी की उम्मीद
सोमवार को दोपहर गर्म रह सकती है, लेकिन शाम को तेज आंधी और बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगरा समेतकुछ जगहों पर आंधी के आसार हैं। हालांकि इससे तापमान पर तो ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन न्यूनतम तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
सूबे में सबसे गर्म रहा आगरा
शहर अधिकतम
आगरा 45.8
इलाहाबाद 44.7
झांसी 44.6
बांदा 44.2
वाराणसी 42
कानपुर 41.2
अलीगढ़ 41
बाजारों में छाया सन्नाटा
मई में एक पखवाड़े और जून में पहले सप्ताह 47 डिग्री तक पहुंचे पारे से बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। शहर के प्रमुख बाजारों में दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक ग्राहकों का टोटा है। दुकानदार भी दोपहर में चार घंटे दुकान बंद कर घर जा रहे हैं। जौहरी बाजार, किनारी बाजार, रावतपाड़ा, दरेसी, बेलनगंज, हास्पिटल रोड, फव्वारा जैसे घने बाजारों में यही हाल है। कपड़ा, सराफा, जूता, घरेलू सामान, मसालों और खाद्यान्न के बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है।
गर्मी की वजह से ग्राहक बाजार में आ ही नहीं रहा। माल की सप्लाई भी सुबह 11 बजे तक और शाम को पांच बजे के बाद हो पा रही है।
प्रदीप कुमार डेंबला, थोक व्यापारी, हास्पिटल रोड
ग्राहक सुबह 8 से 11 बजे तक ही आ रहे हैं। इसलिए शाम 5 बजे तक हम भी दुकान बंद कर रहे हैं। पहली बार ऐसी भीषण गर्मी देखी है।
नवरत्न अग्रवाल, रिटेलर
ताज समेत स्मारकों में पेयजल संकट
ताजमहल पर चार आरओ प्लांट हैं, लेकिन तीन खराब हैं। ताज पर 450 मीटर चलने के बाद आरओ प्लांट लगा है। यह भी खराब होने से पर्यटक सिंचाई के लिए उपयोग हो रहे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे हैं। आगरा किला में दो आरओ प्लांट है। मेन गेट के बाद किले में अंदर पानी की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह फतेहपुर सीकरी में जोधाबाई पैलेस पर रसोई के पास आरओ प्लांट लगा है, लेकिन दरगाह परिसर में पानी की व्यवस्था नहीं है। यहां पानी के लिए पर्यटकों को करीब 1.5 किमी पैदल चलना पड़ता है। दो आरओ प्लांट के बीच दूरी ज्यादा होने से पर्यटक तपते पत्थरों के बीच बेसुध और बेहोश हो रहे हैं।