आगरा में चंद कदम पैदल चलने से बचने के लिए लोग अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। महिला, युवा और क्या बुजुर्ग...तेज रफ्तार से आते हुए वाहनों से बचते-बचाते हाईवे को इसी तरह से पार कर रहे हैं। हालत तब है, जब इसी पॉइंट पर मंगलवार की रात एक महिला को ट्रक ने रौंद दिया था। कई वाहन गुजरने से शव के चिथड़े उड़ गए थे।
आगरा में चंद कदम पैदल चलकर सुरक्षित रास्ता अपनाने के बजाय, लोग अपनी जान को खतरे में डालकर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से हाईवे पार कर रहे हैं। महिला, युवा और बुजुर्ग सभी इस लापरवाही का शिकार हो रहे हैं, जबकि एक दिन पहले ही इसी स्थान पर एक महिला की दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर दिया था। इसके बावजूद, लोगों में सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
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जान से बड़ी जल्दी
- फोटो : धर्मेन्द्र त्यागी
यह भयावह स्थिति फिरोजाबाद हाईवे पर सय्यद कट पर देखी जा रही है। मंगलवार रात को यहीं एक महिला को एक ट्रक ने कुचल दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला के ऊपर से एक के बाद एक कई ट्रक गुजर गए, जिससे उसके शव के चिथड़े उड़ गए। यह घटना इतनी विचलित करने वाली थी कि इसने हाईवे पर चलने वाले हर व्यक्ति को झकझोर दिया। यह उम्मीद की जा रही थी कि इस भीषण हादसे के बाद लोग सबक सीखेंगे और सुरक्षित तरीके से मार्ग पार करेंगे।
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- फोटो : धर्मेन्द्र त्यागी
इस भयानक घटना का भी लोगों पर कोई असर नहीं हुआ है। हादसे के एक दिनों बाद भी वही लापरवाही का सिलसिला जारी है। लोग हाईवे की सुरक्षा रेलिंग को कूदकर या उसके नीचे से सरककर, तेज गति से आते-जाते वाहनों के बीच से अपना रास्ता बना रहे हैं। यह न केवल उनकी अपनी जान के लिए खतरनाक है, बल्कि यह उन ड्राइवरों के लिए भी जोखिम पैदा करता है जो अचानक किसी को सड़क पर देखकर ब्रेक लगाने को मजबूर हो सकते हैं।
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- फोटो : धर्मेन्द्र त्यागी
सय्यद कट जैसे स्थानों पर, जहां से लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पार कर रहे हैं, अक्सर कुछ ही गज की दूरी पर सुरक्षित फुट ओवर ब्रिज या अंडरपास की व्यवस्था होती है। लेकिन, चंद कदम पैदल चलने की असुविधा से बचने के लिए लोग इन सुरक्षित विकल्पों को नजरअंदाज कर देते हैं। वे अपनी जान को जोखिम में डालने को ज्यादा आसान समझते हैं, बजाय इसके कि वे थोड़ा अतिरिक्त चलें।
इस तरह की घटनाओं के लिए जहां लोगों की लापरवाही जिम्मेदार है, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। क्या सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है? क्या ऐसे खतरनाक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल या निगरानी की आवश्यकता है? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जन जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है, ताकि लोग सड़क सुरक्षा के महत्व को समझ सकें और अपनी जान को यूं खतरे में न डालें।