जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि फरवरी में 54992 लोगों के नमूने लेकर जांच कराई गई, इसमें से 52 मरीज मिले हैं। संक्रमण मिलने की दर .010 प्रतिशत है। 28 दिनों में दो कोरोना मरीजों की जान गई।
मार्च 2020 के फरवरी 2021 के संक्रमण की तुलना करें तो मरीजों की संख्या अब ज्यादा है। संक्रमण की दर कम है, मार्च 2020 में जांच की दर भी कम थी। यह अचानक नहीं है कि फरवरी में मरीज कम मिले हों। पिछले ढाई महीने से स्थिति में लगातार सुधार हुआ है। फरवरी में कई दिन ऐसे भी रहे जब एक भी मरीज नहीं मिला।
लक्ष्य बनाकर जांच करना कारगर रहा
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय का कहना है कि लक्ष्य बनाकर जांच करना कारगर रहा। पहले मरीज मिलने पर उसके संपर्क में आए लोग ढूंढे जाते थे, अब यह देखा जा रहा है कि संक्रमण कहां मिल सकता है। इससे मरीज का उपचार जल्द शुरू होता है। संक्रमण फैल नहीं पाता।
- स्वास्थ्य सर्वे: संक्रमित मरीज मिलने के बाद उस क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की सेहत की जांच करना और दवाएं देना।
- नमूना: कोरोना वायरस के नमूनों की जांच आसान की, 18 केंद्र बनाए, रिपोर्ट भी पोर्टल से प्राप्त करने की सुविधा।
- टारगेट सैपलिंग: त्योहार और सहालग में बाजार, शोरूम, दुकानदार, ऑटो चालक, ब्यूटीपार्लर पर जाकर लोगों की जांच।
- आरोग्य मेला: हर रविवार को शहर और देहात के 74 केंद्रों पर लगने वाले आरोग्य मेले में कोविड जांच की।