आगरा। स्वगणना का बृहस्पतिवार को अंतिम दिन है। 14 दिनों में 28 हजार से अधिक लोग स्वयं की गणना करा चुके हैं। ऑनलाइन 33 सवालों के जवाब दे चुके हैं। अब उन्हें प्रगणक का इंतजार है। शुक्रवार से जिले में मकानों की गणना शुरू होगी। 8500 से अधिक प्रगणक घर-घर जाकर स्वगणना का सत्यापन और मकानों की गिनती करेंगे।
पहली बार देश में डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। 22 मई से 20 जून तक मकानों की गणना होगी। जनगणना अधिकारी नीलम तिवारी ने बताया कि बुधवार को आगरा कॉलेज में कैंप लगाकर स्वगणना कराई। उन्होंने बताया कि मकानों की गणना की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। तहसील स्तर पर प्रगणकों को जनगणना किट बांटी गई है। मकान गणना के लिए क्षेत्र को ब्लॉक वार बांटा गया है। जिले में 8500 मकान गणना ब्लॉक बनाए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में एक प्रगणक पहले मकानों की नंबरिंग करेगा। स्वगणना के दौरान भरे गए ब्योरा की जांच होगी। एडीए वित्त एवं नोडल अधिकारी जनगणना संजय वर्मा ने बताया कि प्रत्येक प्रगणक डोर-टू डोर सर्वे के दौरान नक्शा नजरी बनाएगा। एक रजिस्टर रखेंगा, जिसमें स्वगणना आईडी का ब्योरा दर्ज होगा।