आगरा। क्रिटिकल काॅरिडोर टीमों ने दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों का सर्वे कर लिया है। शहर में हाईवे पर पैदल यात्रियों के लिए जेब्रा क्राॅसिंग नहीं बनी थी, इससे अवैध कटों से लोग निकल रहे थे। कहीं साइन बोर्ड और संकेतक नहीं थे तो कहीं सड़क टूटी होने से हादसे हो रहे थे। वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप न होने से आपस में टकराने की संभावना बनी रहती है। टीमों ने अब इन सभी कार्यों को कराना शुरू कर दिया है।
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि शून्य मृत्यु दर वाला जिला बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए सड़क सुरक्षा के पांच स्तंभ इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, त्वरित सहायता, जागरूकता और पर्यावरण के तहत कार्य किया जा रहा है। इसके तहत ही नेशनल हाईवे पर सिकंदरा से लेकर एत्मादपुर तक, सदर से सैंया तक, फतेहाबाद व शमसाबाद मार्ग, बाह रोड, बरहन रोड, हाथरस रोड पर रोड इंजीनियर से लेकर सुरक्षा के उचित इंतजाम किए गए हैं।
इनमें सड़क निर्माण कार्य से लेकर बोर्ड-साइनेज लगाना, जेब्रा क्राॅसिंग का निर्माण, अवैध कट बनवाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की जा रही है।
ये हैं प्रमुख कार्य
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए मानक अनुरूप जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण
- दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण रहे अनधिकृत कटों को चिन्हित कर बंद कराया गया
- गति सीमा, मोड़, स्कूल व बाजार क्षेत्र से जुड़े आवश्यक साइन बोर्ड व चेतावनी संकेतक लगाना
- सड़क इंजीनियरिंग सुधार के तहत लेन मार्किंग, डिवाइडर सुधार और गति नियंत्रण उपाय लागू किए
- कोहरा व कम दृश्यता में सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिवाइडर, पोल व वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए।
- मानव त्रुटि और इंजीनियरिंग की गलतियों को लक्ष्य बनाकर सुधारात्मक कार्रवाई।