साफ इसे कर नहीं सकते तो कूड़ा इसमें मत डालो, जग जननी है मात ये यमुना निर्मल इसको कर डालो... युवा बृजेश बघेल ने अपनी रचना में यमुना मैया को स्वच्छ करने का संदेश दिया। मौका था ताज लिटरेचर फेस्टिवल (टीएलएफ) की ओर से शुक्रवार को शहीद स्मारक में आयोजित ‘गुलिस्तान ए अकबराबाद’ सम्मेलन का। मीर तकी मीर, नजीर अकबराबादी, मिर्जा गालिब की जमीन पर संस्था ने उभरते हुए शायरों को मंच दिया।
एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर, सपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी राय, हृदय रोग विशेषज्ञ सीआर रावत, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नृत्य ज्योति कथक केंद्र की बाल कलाकार श्रेया, नव्या और अनुष्का ने शिव वंदना पर नृत्य प्रस्तुति दी। उसके बाद अनुष्का ने नव वर्ष पर न द्वेष रहे, न राग रहे गीत पर नृत्य कर अमन चैन कायम करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उदीयमान कवियों व शायरों को मंच मिला। आपके बीच आया हूं तो एक उपहार लाया हूं, दुआएं मां की और संग में पिता का प्यार लाया हूं, शिव प्रताप सिंह ने रचना प्रस्तुत की। जितना आएगा मुझ पर उतना ही मैं बोलूंगा, आज मैं अपने दिल के राज खोलूंगा... अंकित कुमार सिंह ने ये पंक्तियां पढ़ीं। कार्यक्रम के संयोजक इख्तियार जाफरी व ब्रज खंडेलवाल थे।
टीएलएफ के डायरेक्टर अशोक जैन सीए व हरविजय सिंह वाहिया ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि हर तीन महीने में ऐसे कार्यक्रम हों। इस दौरान सीपी राय और पूरन डावर को टीएलएफ की सलाहकार समिति का संरक्षक नियुक्त किया गया। समी आगाई, रघुवीर सिंह, डा. एंड्रू प्रकाश, सपा नेता राहुल चतुर्वेदी, महेंद्र खंडेलवाल, हेमंत भोजवानी, रंगकर्मी अनिल शुक्ला, अनिल जैन, केशव तलेगांवकर, डा. संदीप अग्रवाल, डा. अरुण आदि मौजूद थे। टीएलएफ के अतुल जैन, संदेश जैन, राशि गोयल, राम मोहन कपूर, अरुण अग्रवाल, संजय चौहान, अतुल बंसल आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।