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Agra: फिर खत्म हुई मियाद... ताजनगरी की सड़कों पर गड्ढे बरकरार, तीन बार निरस्त हो चुके टेंडर

Fri, 02 Dec 2022 01:00 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

सड़कों में गड्ढे भरने की मियाद एक बार फिर खत्म हो गई है, लेकिन अभी तक सड़कें खस्ताहाल हैं। जिले में 175 किमी सड़कों को नवीनीकरण और 150 किमी सड़कों को विशेष मरम्मत का इंतजार है। तीन बार टेंडर निरस्त हो चुके हैं। 
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जीवनी मंडी चौराहा के पास सड़क की दुर्दशा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सड़कों के गड्ढे भरने की मियाद एक बार फिर खत्म हो चुकी है। करीब 4.50 करोड़ रुपये पैचवर्क पर खर्च करने का दावा किया जा रहा है। सड़कों के गड्ढे फिर भी नहीं भरे जा सके हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की आगरा जिले में 845 किमी सड़कें जर्जर थीं। अधिकारी पैचवर्क का दावा कर रहे हैं, लेकिन कहरई से नगला कली, कचौरा से कोटला, सेमरी, रजरई सहित तमाम मार्गों पर गड्ढे हैं। तीन बार टेंडर निरस्त होने के कारण सड़कों की विशेष मरम्मत व नवीनीकरण के काम शुरू नहीं हो सके हैं।

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जिले में 1693 सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। इनकी कुल लंबाई 4225 किमी है। एक नवंबर से सड़कों का पैचवर्क शुरू करने का दावा किया गया। पहले यह 15 नवंबर तक पूरा होना था। सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। ऐसे में मियाद 30 नवंबर तक बढ़ाई गई। यह मियाद भी खत्म हो गई है। सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं। 

जिले में 175 किमी सड़कों का फिर से निर्माण होना है। 150 किमी में सड़कों की विशेष मरम्मत होनी है, जिसे पैचवर्क से पूरा नहीं किया जा सकता है। इन कामों के लिए टेंडर की जरूरत है। टेंडर नहीं हो सके हैं। अजीजपुर ग्राम पंचायत के सदस्य चौ. प्रेम सिंह का कहना है कि अजीजपुर में सड़क में गड्ढों के कारण तीन बार वाहन पलट चुके हैं। गनीमत रही कि कोई जान नहीं गई। 

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टेंडर ही नहीं हो पाए हैं

पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के सचिव घनश्याम ने बताया कि जब टेंडर ही नहीं हुए तो सड़कों के गड्ढे कैसे भर गए। जिन सड़कों पर पैचवर्क का दावा किया जा रहा है उनके अनुबंध मार्च, 2021 में बने थे। इस साल 11 महीनों में नई सड़कें भी जर्जर हो गईं। इनकी भी मरम्मत नहीं हुई है। विभागीय अधिकारी डमी ठेकेदारों के माध्यम से सरकारी धन को ठिकाने लगा रहे हैं।

दो महीने से हड़ताल

पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संघ के मंडल अध्यक्ष सुबोध रावत ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार 17 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। टेंडर बहिष्कार के कारण सड़कों का काम नहीं हो रहा। आगरा ही नहीं, पूरे प्रदेश में यही हाल है। अधिकारी पैचवर्क के नाम पर शासन व प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।

 प्रशासन ने नहीं कराई जांच

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने सड़कों की मरम्मत, पैचवर्क व नवीनीकरण का तीसरी पार्टी से ऑडिट कराने की बात कही थी, लेकिन अभी ये ऑडिट शुरू नहीं हुआ है। जन प्रहरी के अध्यक्ष नरोत्तम सिंह शर्मा का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण शहर से गांव तक सड़कें खराब पड़ी हैं। 
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ठंडा डामर, उखड़ी गिट्टियां

महात्मा गांधी मार्ग-2 पर मानस नगर, मारुति एस्टेट, बोदला-बिचपुरी रोड पर पीडब्ल्यूडी की ओर से की गई मरम्मत में गिट्टियां उखड़ रही हैं। बोदला निवासी रवि शर्मा का कहना है कि ठंडा डामर डालने के कारण गिट्टियां उखड़ी हैं। काम की गुणवत्ता ठीक नहीं। जांच कराई जाए।

20 दिसंबर तक करेंगे काम

पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि सड़कों का पैचवर्क हो गया है। करीब 4.50 करोड़ रुपये बजट था। विशेष मरम्मत व नवीनीकरण कार्य नहीं हुए। 20 दिसंबर तक सभी सड़कों को दुरुस्त कर लिया जाएगा। नए टेंडर निकाले गए हैं। 

इन सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे

- कहरई से नगला कली तक 3 किमी मार्ग
- कचौरा से कोटला तक 1.50 किमी मार्ग
- मारुति सिटी से रजरई तक 2 किमी मार्ग
- एकता पुलिस चौकी से तोरा पुलिस चौकी तक
- पथौली से बीडी गार्डन तक वायु विहार मार्ग

शहर में ये सड़कें खुदी पड़ीं

- रामनगर पुलिया से प्रेम नगर तक का मार्ग
- आवास विकास में सेक्टर-4 से सेक्टर-12 मोड़ तक
- शास्त्रीपुरम में सुनारी गांव मोड़ तक की सड़क
- आवास विकास में सेंट्रल पार्क से पुलिस चौकी मार्ग 
- पश्चिमपुरी में गोल चक्कर से दहतोरा तक मार्ग
 
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