20 मार्च थी अंतिम तिथि
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए किए गए आवेदन जांच के बाद 20 मार्च तक निदेशालय को अग्रसारित किए जाने थे। निदेशालय से कई बार में डाटा प्राप्त होने के चलते कॉलेजों की जांच व अन्य कार्यों में देरी हुई। ऐसे में सामान्य वर्ग में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले तीन हजार के करीब छात्र-छात्राओं के आवेदन निदेशालय को अग्रसारित नहीं हो सके।
अधिकांश आवेदनों के ऑनलाइन स्टेटस में सब कुछ ठीक होने के बाद भी ये आवेदन जिलास्तर पर लंबित हैं। ऑनलाइन स्टेटस देखकर छात्र-छात्राएं सरकारी कार्यालय और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। अगर निदेशालय ने अग्रसारण के लिए दोबारा मौका नहीं दिया तो इन छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकेगी।
तिथि बढ़ने की उम्मीद
समाज कल्याण विभाग के अनुसार डाटा इस बार देरी से प्राप्त हुआ था। पूरा डाटा जांच के बाद अग्रसारित होने से पहले ही वेबसाइट बंद हो गई। ये समस्या पूरे प्रदेश में आई है, जिससे शासन को अवगत कराया गया है। जल्द ही शासन से इन आवेदनों को अग्रसारित करने के लिए मौका दिए जाने की उम्मीद है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी इंद्रा सिंह ने बताया कि प्रत्येक आवेदन को जांच के बाद निदेशालय को अग्रसारित किया जाता है। इस बार समय कम मिलने के चलते सभी आवेदन निदेशालय को अग्रसारित नहीं किए जा सके। जल्द ही आवेदन अग्रसारित करने के लिए मौका मिलने की उम्मीद है।