बेहोश बच्चों के चेहरे पर पानी छिड़कती शिक्षिका
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फिरोजाबाद में सरकारी स्कूलों में अव्यवस्थाओं के बीच उमस भरी गर्मी से बच्चे बेहाल हो रहे हैं। शिकोहाबाद क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नौशहरा में सोमवार को तीन बच्चे गर्मी के कारण गस खाकर गिर पड़े।
बच्चों को बेहोश देख स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया। शिक्षिकाओं ने बच्चों के चेहरे पर पानी छिड़का। इसके बाद वे होश में आए। बच्चों को होश आने के बाद शिक्षिकाओं ने राहत की सांस ली।
नौशेहरा के प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील के दौरान बच्चे खाना लेने के लिए लाइन में खड़े थे तभी दो छात्राएं और एक छात्र की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आने लगे और तीनों जमीन पर गिर पड़े।
ये बच्चे हुए थे बेहोश
तीनों बच्चे गिरने के बाद बेहोश हो गए। साथी बच्चों ने जब शिक्षिकाओं को उनके बेहोश होने की बात कही तो उनमें हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शिक्षिकाओं ने पानी मंगवाया और तीनों बच्चों पर छिड़का।
इसके बाद तीनों बच्चों को क्लास रूम में लिटाकर उन पर हाथ के पंखों से हवा की। काफी देर बाद बच्चों को होश आया। इसके बाद शिक्षिकाओं ने राहत की सांस ली।
जो बच्चे गस खागर गिर पड़े, उनमें कक्षा तीन की अलीना (7) पुत्री अमजद अली, कक्षा दो के प्रिंश (6) पुत्र सोनू और मुस्कान (7) पुत्री जसवंत सिंह निवासी नौशेहरा हैं। होश में आने के बाद तीनों बच्चों को उनके अभिभावकों को सुपुर्द कर दिया।
स्कूल में नहीं थी बिजली
स्कूल की प्रधानाचार्या राविया अंसारी का कहना है विद्यालय में पंखे हैं, लेकिन सुबह से बिजली नहीं आई है। कमरों के आगे बरामदा न होने से सीधी धूप कमरों में आती है, जिससे गर्मी से वहां बैठना भी मुश्किल हो गया है। गर्मी की वजह से ही तीन बच्चे बेहोश हो गए थे।
वहीं जेई अनिल कुमार का कहना था कि खेड़ा मोहल्ला और रीठरा में 11 केवीए के तार टूट गए हैं। उनकी मरम्मत का कार्य चलने की वजह से सुबह से लाइट काट दी गई है। जैसे ही तार जुड़ जाएंगे आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
स्कूल का समय बदलने की मांग
वहीं प्राथमिक विद्यालय नौशहरा में बच्चों के बेहोश होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के फोन विभागीय अधिकारियों के पास पहुंचने लगे। शिक्षकों ने गर्मी को देखते हुए स्कूल समय परिवर्तन कराने की मांग की।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डा. शौर्यदेवमणि यादव ने कहा कि स्कूलों में अव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में बच्चों को परेशानी होती हैं। नगर संयोजिका कल्पना राजौरिया ने कहा कि स्कूलों का समय परिवर्तन किया जाए।