आगरा। तमंचे से गोली मारकर युवक की हत्या की कोशिश करने और एससी-एसटी एक्ट के मामले में अदालत ने थाना जगनेर क्षेत्र के गांव बसई निवासी राहुल व वीरेंद्र और राजस्थान के धौलपुर थाना नादनपुर क्षेत्र के ठाकुर पाड़ा निवासी परमाल को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने तीनों को 7-7 साल का कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
थाना जगनेर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव बसई निवासी मनोज कुमार ने तहरीर दी थी। बताया कि 7 जनवरी 2014 को दोपहर में उनके घर पर वीरेंद्र ने अपने घर के सामने से आवाज लगाई। बोला कि मेरे साथ राहुल और परमाल खड़े हैं। उन्होंने बाइक देख रखी है। विजय तुम आ जाओ और तुम भी देख लेना। यह सुनकर उनका भाई विजय बाहर निकला।
आरोपियों के साथ बाइक पर बैठकर चला गया। पीछे से वह और पिता भी अपनी बाइक से चल दिए। आरोपियों ने अपनी बाइक गांव के पास समाधि से पहले बांध के कुलाबा के पास रोक दी। वीरेंद्र ने तमंचा निकालकर भाई विजय को अपशब्द कहे और जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। तमंचा की नाल पर हाथ मार देने से विजय बच गया।
इसके बाद आरोपी परमाल के रिश्तेदार राहुल ने तमंचा व कारतूस छीन लिया। कहा कि तेरा निशाना ठीक नहीं है। उसने विजय के पेट में गोली मार दी। शोर सुनकर लोगों के आने पर आरोपी भाग गए। उन्होंने और पिता ने विजय को अस्पताल में भर्ती कराया था। संवाद