मैनपुरी। नवीन मंडी में सचिव के निलंबन के बाद अब भ्रष्टाचार की जड़े खंगाली जाएगी। इसके लिए उप निदेशक मंडी परिषद ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। जल्द ही जांच टीम मंडी पहुंचकर पड़ताल करेगी। जांच के आदेश होने के बाद मंडी समिति के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
मैनपुरी की मंडी में भ्रष्टाचार कर राजस्व को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने वाले सचिव गौरव सिंह पर कार्रवाई के बाद अब मंडी समिति के कर्मचारियों पर जांच की सुई घूम गई है। जांच के लिए उप निदेशक मंडी परिषद आगरा ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसमें सचिव मंडी परिषद आगरा, सचिव मंडी परिषद मथुरा और रीजनल कार्यालय के लेखाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिवाली के बाद टीम मैनपुरी मंडी में जांच के लिए दस्तक देगी। टीम कर्मचारियों की संलिप्तता के साथ ही मंडी के अभिलेख और निरीक्षण कर भ्रष्टाचार के मामले खंगालेंगे।
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उप निदेशक मंडी ने देखे थे हालात
सितंबर में उप निदेशक मंडी मूलचंद्र गंगवार ने भी निरीक्षण किया था। अमर उजाला से वार्ता में उन्होंने बताया कि मैनपुरी मंडी में व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किया है। प्रदेश की किसी भी मंडी में इस तरह का निर्माण नहीं किया गया है। इसकी रिपोर्ट भी उन्होंने शासन को भेजी है।
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तीन सदस्यीय समिति को जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई है। मंडी सचिव को निलंबित किया जा चुका है, जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -मूलचंद्र गंगवार, उप निदेशक मंडी आगरा।