मैनपुरी। जिला अस्पताल में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही मरीजों और उनके परिजनों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है।
अस्पताल परिसर में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने के बावजूद, ऑपरेटर की कमी के चलते उनका संचालन ठप पड़ा है। वर्तमान में इमरजेंसी वार्ड में केवल तीन ऑक्सीजन सिलेंडर शेष बचे हैं, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कोरोना काल में ऑक्सीजन संकट को देखते हुए शासन ने जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट लगवाए थे, ताकि मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न हो। इनडोर और कोविड वार्ड में बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन विडंबना यह है कि इमरजेंसी वार्ड में अब भी सिलेंडर के माध्यम से ही ऑक्सीजन दी जा रही है, जबकि यहां दुर्घटना और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को हर समय ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
ऑक्सीजन प्लांट संचालित करने वाले ऑपरेटर का अनुबंध समाप्त होने के बाद से प्लांट पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। पिछले तीन दिनों से सिलेंडरों की रिफिलिंग भी नहीं हो पा रही है। शुक्रवार शाम तक इमरजेंसी में मात्र तीन सिलेंडर बचे होने से अस्पताल में संभावित ऑक्सीजन संकट गहरा गया है। स्टाफ द्वारा सीएमएस को स्थिति की जानकारी देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है और उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
इमरजेंसी वार्ड के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाए जा रहे हैं और आपात स्थिति के लिए पर्याप्त कंसंट्रेटर उपलब्ध करा दिए गए हैं। बजट उपलब्ध होते ही इमरजेंसी में ऑक्सीजन लाइन डालने का काम शुरू कर दिया जाएगा।