आगरा शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति में वर्ष 2013 से 2015 तक बड़ा गोलमाल किया गया। तत्कालीन बीएसए ने मनमाने ढंग से नियुक्ति कर दीं। मामले में विजिलेंस की खुली जांच हुई, तो तीन अधिकारियों का नाम सामने आया है।
इसमें तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र प्रकाश यादव, खंड शिक्षा अधिकारी एत्मादपुर आलोक प्रताप श्रीवास्तव और वरिष्ठ लिपिक कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार शर्मा फंस गए हैं।
उनके खिलाफ थाना शाहगंज में धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक सियाराम निमेष ने मुकदमा दर्ज कराया है।
इस समय देवेंद्र प्रकाश यादव औरैया में डायट के प्राचार्य हैं, जबकि आलोक प्रताप श्रीवास्तव हाथरस में तैनात हैं। वहीं अरुण कुमार शर्मा डीआईओएस कार्यालय में हैं।