हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग को लेकर तीन माह से चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल वापस ले ली गई है। संघर्ष समिति के संयोजक ने जिला जज को इस बाबत पत्र सौंपा। जिला जज ने इस संबंध में अपना संस्तुति पत्र उच्च न्यायालय को भेजा है।
बता दें, उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के आह्वान पर 26 नवंबर से आंदोलन शुरू किया गया था। दो दिसंबर से पूर्णत: हड़ताल हो गई थी। इस कारण पिछले माह आगरा का न्यायिक क्षेत्राधिकार इटावा स्थानांतरित कर दिया गया था। जिला जज विजय प्रताप सिंह ने दीवानी में शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि गुरुवार को संघर्ष समिति के संयोजक केडी शर्मा ने पत्र दिया है। इसमें उन्होंने हड़ताल वापस लेने की बात कही है। इसके साथ ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन के सुरेंद्र लाखन, दुर्गविजय सिंह भैया, आगरा यूथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप शर्मा व सचिव योगेश बघेल, क्रिएटिव बार के विजय कुमार यादव, कमिश्नरी बार के हेमेंद्र पाठक, कलक्ट्रेट बार के बृजेंद्र रावत, शैलेंद्र शर्मा, हाईकोर्ट बेंच संघर्षशील मोर्चा के पदाधिकारियों के समर्थन पत्र भी हैं।
न्यायिक कार्य सुचारू होने में लगेगा वक्त
विधि विशेषज्ञों ने बताया कि न्यायिक क्षेत्राधिकार को इटावा से पुन: आगरा स्थानांतरित करने में वक्त लग सकता है। हाईकोर्ट प्रशासनिक समिति को जांच सौंपेगा। समिति शासन को रिपोर्ट भेजेगी। तभी चीफ जस्टिस फैसला करेंगे। हाईकोर्ट नौ मार्च तक बंद है।
सोमवार से दीवानी में लौटेगी रौनक
हड़ताल के मुद्दे पर वकीलों के दो गुट बन गए हैं। ऐसे में बड़े तबके ने हड़ताल वापसी का समर्थन किया है। सोमवार से कोर्ट खुलेंगे। न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी आएंगे लेकिन क्षेत्राधिकार वापस आने तक वादकारियों को इटावा की दौड़ लगानी होगी। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायिक कार्य पटरी पर लाने में एक माह का समय लग जाएगा।