मैनपुरी। शासन के आदेश पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डीएफएमओ) के विरुद्घ भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।
बीते माह जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों और विभागीय ठेकेदारों ने शासन को एक शिकायत भेजी थी। इसमें उनके डीएफएमओ उदित नारायण सिंह पर भ्रष्टाचार व अन्य कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसका संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर के आदेश दिए थे।
इसी के आधार पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में समिति गठित की। समिति में सीडीओ के अलावा परियोजना निदेशक केके सिंह और जिला विकास अधिकारी पीके राय को भी शामिल किया गया है। ये समिति पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
ये लगाए थे शिकायत में आरोप
कार्यालय के कर्मचारियों ने मानसिक शोषण करने, वेतन भुगतान न करने, एफआईआर की धमकी देने, स्टेशनरी उपलब्ध न कराने, गेहूं और धान खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये की वसूली करने, खरीद रुकवाने आदि के आरोप लगाए थे। उन्होंने कार्य करने में भी असमर्थता जताते हुए कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। ठेकेदारों ने बिल पर हस्ताक्षर न करने, पांच प्रतिशत कमीशन मांगने, ठेका ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देने के आरोप लगाए थे।
जिलाधिकारी ने शासन में की गई शिकायत की जांच सौंपी है। समिति जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देगी। उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ईशा प्रिया, सीडीओ।