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बहन को दुखी देख भाई ने दी बहनोई की सुपारी, हत्या के दो माह बाद हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 10 Feb 2020 12:30 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
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घटना के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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एटा में दो महीन पूर्व हुई प्रधानाध्यापक सचिन सोलंकी की हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार सचिन की हत्या उसी के साले ने भाड़े के दो शूटरों से करवाई थी। वो अपने बहनोई की अय्याशियों से परेशान था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिसंबर को प्रधानाध्यापक सचिन सोलंकी पुत्र पृथ्वीराज सिंह सोलंकी निवासी शांती नगर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके बड़े साले धैर्य प्रताप सिंह पुत्र ओमकार सिंह निवासी अशोक विहार गंजडुंडवारा रोड ने अज्ञात में दर्ज कराई।
 
हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एएसपी क्राइम राहुल कुमार, स्वॉट टीम और कोतवाली देहात पुलिस को लगाया गया। जांच में जुटी पुलिस टीमों ने सर्विलांस व अन्य स्रोतों से साक्ष्य जुटाए तो सचिन सोलंकी के कई महिलाओं से संबंध होने की बात सामने आई। 
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शूटरों को दिए थे ढाई लाख रुपये

जांच में यह भी सामने आया कि सचिन का छोटा साला सूर्य प्रताप सिंह उर्फ रिंकू उसकी हरकतों से परेशान था। सचिन की पत्नी भी परेशान रहती थी। पड़ताल में पता चला कि बहन को दुखी देखकर सूर्य प्रताप सिंह ने बहनोई सचिन की हत्या की सुपारी दी थी। 

सचिन की हत्या के लिए धर्मेंद्र पुत्र नेकसे लाल निवासी मोजमपुर थाना सोरों और बॉबी पुत्र हुब्बलाल निवासी कुंवरपुर थाना सहावर को ढाई लाख रुपये दिए। दोनों ही शूटर सूर्यप्रताप के साथ सचिन से पहले भी मिलते थे। धर्मेंद्र ने पांच दिसंबर को कासगंज रोड पर सचिन को रोका और बॉबी ने गोलीमार कर हत्या कर दी। 

आरएसएस नेता राजपाल सिंह का साढू़ था सचिन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह राजपाल सिंह के भाई प्रवीन का सचिन सोलंकी साढू़ भाई था। इसी के चलते पुलिस पर मामले के  खुलासे का दबाव था। दो माह बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 
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