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आगरा: राष्ट्रद्रोह के आरोपी तीनों कश्मीरी छात्र रिहा, छह महीने से जिला जेल में थे बंद, यह है पूरा मामला

Mon, 25 Apr 2022 09:45 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

कश्मीर के रहने वाले तीनों छात्र आगरा के एक कॉलेज में पढ़ते थे। तीनों पर टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने का आरोप लगा। इसी मामले में ये छात्र छह महीने से जेल में बंद थे।  
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आरोपियों कश्मीरी छात्रों को ले जाती पुलिस (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेल भेजे गए तीन कश्मीरी छात्रों अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ और शौकत अहमद गनी की सोमवार शाम को रिहाई हो गई। जिला जेल में रिहाई परवाना पहुंचने पर तीनों को रिहा किया गया। वह छह महीने से जेल में बंद थे। 30 मार्च को हाईकोर्ट ने आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर रिहाई के आदेश दिए थे।

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मामले में छह अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सिंह ने एक-एक लाख रुपये के दो जमानती और इसी राशि के व्यक्तिगत बंध पत्र प्रस्तुत करने के आदेश किए थे। स्थानीय स्तर पर जमानतदार नहीं मिलने पर आरोपियों के परिजनों ने जमानत दी थी। जमानतदारों का पुलिस ने सत्यापन किया। सोमवार को सभी जमानती कोर्ट में पेश हुए। 

जमानतदारों से संतुष्ट होने के बाद कोर्ट ने आरोपियों का रिहाई परवाना भेजने के आदेश पारित किए। शाम को रिहाई परवाना जिला जेल पहुंचा। जेल अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ और शौकत अहमद गनी को रिहा कर दिया गया है। उन्हें लेने के लिए अधिवक्ता सहित परिजन आए थे।

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यह था मामला

24 अक्तूबर 2021 को दुबई में चल रहे टी-20 विश्वकप में भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच क्रिकेट मैच हुआ था। इसमें भारत की हार हुई थी, जबकि पाकिस्तान की जीत। आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज बिचपुरी के छात्र अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ और शौकत अहमद गनी पर आरोप लगाया गया कि पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाया। व्हाट्स एप पर स्टेट्स भी डाला। चैटिंग और स्टेट्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। 

मामला संज्ञान में आने पर कॉलेज प्रबंधन ने तीनों छात्रों को निलंबित कर दिया। मामले में भाजयुमो पदाधिकारी गौरव राजावत ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर 28 अक्तूबर 2021 को जेल भेजा था। मुकदमे में राष्ट्रद्रोह की धारा की भी वृद्धि की गई थी। 

हाईकोर्ट ने 30 मार्च को आरोपियों की जमानत स्वीकार कर रिहाई के आदेश किए थे। मगर, आगरा और मथुरा सहित अन्य जिलों में जमानतदार नहीं मिले। इस पर कश्मीर में रहने वाले परिजन जमानतदार बने। उनके दस्तावेजों का जम्मू कश्मीर पुलिस ने सत्यापन किया। इसके बाद आरोपी छात्रों की रिहाई हो सकी।

ये हैं आरोपी

- शौकत अहमद गनी निवासी शाहेगाड़ा थाना, तहसील हाजिन, बांदीपोरा, जम्मू कश्मीर। 
- इनायत अल्ताफ शेख निवासी यूनीबाड़ी थाना, चाडौरा, बड़गाम।
- अरशीद यूसुफ निवासी चकपुरा, तहसील व थाना चाडौरा, बड़गाम।
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