तीनों दोस्त देख रहे थे फौजी बनने का सपना
नहाते समय यमुना नदी में डूबकर जान गंवाने वाले तीनों दोस्त फौजी बनने का सपना पाले थे। परिजनों ने बताया कि इसके लिए पढ़ाई के साथ रोजाना दौड़ भी लगाते थे। पर, हादसे ने मौत के साथ इनका सपना भी डूब गया।
सौरभ के पिता पूरन और अन्य परिजनों ने बताया कि सौरभ ने इस साल 11वीं की परीक्षा पास की थी। वहीं आयुष ने नौंवी और कन्हैया ने 12वीं की परीक्षा पास की थी। रोते-बिलखते पूरन ने बताया कि रोके जाने के बाद चारों नहीं माने थे। कहा कि तीनों को उनकी मौत ही यहां खींच ले आई थी।
रोते-रोते पिता की आंखें सूखी
फतेहाबाद के मोहल्ला कछियान निवासी और सब्जी विक्रेता पूरन सिंह के इकलौते बेटे सौरभ की मौत के साथ ही उनके घर का चिराग बुझ गया। बेटे का शव देख पूरन की आंखें सूख गईं। उन्होंने बताया कि सौरभ उनका इकलौता बेटा था। बेटी दीपिका है। बेटे की मौत के सदमे में पूरन जहां गुमसुम बैठे थे वहीं मां पिंकी और बहन बेसुध हो गईं।
हादसे की सूचना से शोक में डूबा गांव
तीन दोस्तों की मौत से फतेहाबाद के पीताबाई पोखर शोक में डूब गया। मोहल्ला कछियान और बोदला में भी मातम पसर गया है। हादसे की जानकारी होते ही बोदला और फतेहाबाद से परिजन और पड़ोसी आनन फानन में बटेश्वर पहुंचे। तीनों के शव बरामद होने तक काफी संख्या में लोग बटेश्वर के घाट पर पहुंच गए थे।