वहीं मिलाद शरीफ भी किया जाएगा। 16 जनवरी 2026 दोपहर 2:00 बजे से सभी पर्यटकों के लिए ताजमहल निशुल्क रहेगा। दरगाह पर संदल शरीफ गुलपोशी फातिहा पढ़ी जाएगी। इसके बाद कव्वालों द्वारा कव्वाली भी पेश की जाएगी। मुशायरा का आयोजन भी किया जाएगा। उर्स मुबारक के आखिरी दिन यानी 17 जनवरी 2026 को कुरान खानी पूरे दिन चादरपोशी का सिलसिला चलेगा।
हिंदुस्तान की सबसे लंबी हिंदुस्तानी सतरंगी चादर का जुलूस हनुमान मंदिर सिद्दी गेट से होता हुआ ताजमहल के अंदर प्रवेश करेगा। हिंदुस्तान सतरंगी कपड़े की चादर इस बार 1620 मीटर की बनाई गई है। इस चादर के साथ लगभग 15 से 20 वीआईपी भी मौजूद रहेंगे। इन सभी लोगों के साथ कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट रिजवानुद्दीन जुगनू साथ रहेंगे।
वॉलिंटियरों की भी ड्यूटी इस बार लगाई गई है। शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स मुबारक में आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की गई है कि कोई भी ताजमहल परिसर में प्रतिबंध चीज ना लाएं, जिससे कि सुरक्षा कर्मियों को कोई दिक्कत आए। धूम्रपान, लाठी-डंडा ताजमहल परिसर में प्रतिबंधित हैं। 17 जनवरी 2026 को ताजमहल पूरे दिन निशुल्क रहेगा।
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