खंदौली सीएचसी पर 50 बेड किए जाएंगे और ट्रॉमा सेंटर भी बनेगा। ये यमुना एक्सप्रेसवे के नजदीक है। इससे हादसे में घायल होने वालों को तत्काल इलाज मिल सकेगा। ऐसे ही दूरस्थ क्षेत्रों को देखते हुए बाह सीएचसी को 100 बेड का किया जाएगा। यहां भी इमरजेंसी सेवाएं मिलेंगी। एसएन लाने की जरूरत से बचा जा सकेगा। सैंया सीएचसी पर भी सेवाएं विकसित करते हुए 50 बेड की क्षमता की जाएगी।
इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और डॉक्टरों के कक्ष बनाए जाएंगे। सर्जरी-जांच के लिए मशीनें और उपकरण भी लगाए जाएंगे। स्त्री रोग, हड्डी रोग, बाल रोग, फिजिशियन व सर्जन तैनात किए जाएंगे। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि इन तीनों सीएचसी के लिए सर्वे हो गया है। प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। शासन की मंजूरी के बाद इनमें इमरजेंसी सेवाओं के लिए संसाधन विकसित किए जाएंगे।