शातिरों ने रुपए ठगने के लिए दोबारा फोन किया और पहले गलत अकाउंट नंबर होने की बात कहकर एक अन्य अकाउंट नंबर पर रुपए डालने की बात कही। धर्मवीर ने मना किया, तो उस पर दबाव बनाने लगे और धमकाने लगे। इसके बाद धर्मवीर को पूरा मामला समझ में आया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उसने डीआईजी रेंज से पूरे मामले की शिकायत की है।
ऐसा लेटर बनाया कि असली भी खा जाए धोखा
जालसाजों ने नौकरी का झांसा देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से लेकर वन विभाग का इस्तेमाल किया। इसमें विभाग के लेटर की हर बारीकियों को लेकर लिखा गया। इसे देखकर असली विभाग भी एक बार धोखा खा जाए। अपाइंटमेंट लेटर में लेटर नंबर, पद, पे-बैज, ग्रेड-पे सभी का उल्लेख किया गया। वहीं नियुक्ति पत्र में नौकरी को लेकर पूरा उल्लेख किया गया कि किस पोस्ट के लिए आवेदन किया गया था। कैसे चयन हुआ।
गृह मंत्रालय का दिया गया हवाला
लेटर हेड को भारत सरकार के वन विभाग का दिखाया गया। इसके लिए लेटर हेड के सबसे ऊपर नीले कैपिटल अक्षरों में फारेस्ट डिपार्टमेंट, उसके नीचे मिनिस्टरी ऑफ होम अफेयर लिखा गया। कोष्ठक में काले अक्षरों में गवर्मेंट ऑफ इंडिया लिखा गया। इसके नीचे आर्य विकास भवन, 73 नेहरू रोड, देहरादून, उत्तराखंड पूरा पता दिया गया। वन गृह मंत्रालय की नोटिस पर आपने 30 नवंबर 2016 को
बरते सावधानी
- सरकारी नौकरी में मेस या अन्य किसी भी खर्च के नाम पर रुपए जमा नहीं कराए जाते।
- नौकरी के लेटर में दिए गए पते और कांटेक्ट नंबर को गूगल से चेक करें। वहां के स्थायी लैंड लाइन नंबर पर फोन
करके नौकरी के बारे में जानकारी लें।
- नौकरी में कभी कोई तत्काल फोन करके रुपए जमा कराने की बात नहीं करता है। ऐसा करने वालों से सजग रहें।
- न्यूज पेपर में भी नौकरी के ऑफर पर पहले पूरी पड़ताल करें।