दिवाली पर तीन घरों में चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ लिया। चोर ने 44 लाख के माल पर हाथ साफ कर दिया था। चोर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि परिजन भी उसकी वारदात में मदद करते हैं।
दिवाली पर टेढ़ी बगिया क्षेत्र में तीन घरों को चोर ने निशाना बनाया था। 44 लाख के गहने और नकदी चोरी कर ली थी। सीसीटीवी फुटेज में चोर शाल ओढ़कर जाता नजर आया। पुलिस के पास उसका चेहरा नहीं था। पहचान के लिए पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद ली। चाल-ढाल और कद-काठी से लोगों ने उसकी पहचान कर ली। पुलिस ने उसे कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद पकड़ लिया। वह अपनी रकम से जुआ खेलता है।
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20 अक्तूबर की रात को विकास नगर, टेढ़ी बगिया निवासी जलकल विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी उमेश चंद्र के घर में चोरी हुई थी। एक चोर छत के रास्ते से घर में आया था। इसके बाद अलमारी से 24 लाख के गहने और 40 हजार रुपये ले गया था। इसी तरह प्रकाश पुरम में आरओ संचालक के घर में चोरी हुई थी। परिवार को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया था।
18 लाख के गहने व 1.50 लाख रुपये की चोरी की थी। चोर पड़ोसी की दो मंजिला छत से कूदकर फरार हो गया। इसके अलावा एक सेवानिवृत्त दारोगा के घर से पैंट की जेब से 12 हजार रुपये चोरी किए गए थे। वहीं क्षेत्र में भी तीन दुकानों में चोरी की कोशिश की गई थी।
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एसीपी छत्ता पीयूष कांत राय ने बताया कि चोर को पकड़ना आसान नहीं था। वह सीसीटीवी फुटेज में शाल ओढ़कर जाता नजर आया था। एक फुटेज में वह रास्ते से निकलता दिख रहा था। इसलिए उसकी पहचान के लिए ऐसे लोगों की मदद ली, जो क्षेत्र में ही रहते हों। उन्हें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के बारे में पता हो। कद-काठी और चाल से उसकी पहचान शोभा नगर, फाउंड्री नगर निवासी राजेश शर्मा उर्फ शोखावत के रूप में कर ली गई।
पुलिस ने अपनी जानकारी को पुख्ता करने के लिए त्रिनेत्र एप पर नाम डालकर जानकारी ली। उस पर पहले से आठ मुकदमे दर्ज मिले। इससे अंदाजा हो गया कि वही हो सकता है। घेराबंदी करके बुधवार रात को उसे कांशीराम आवास योजना क्षेत्र से पकड़ा गया।
परिजन दिन में करते हैं रेकी, खुद रात में वारदात
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिवाली पर एक घर में चोरी के बाद गहने के अलावा 40 हजार रुपये मिले थे, जिनमें से 10 हजार रुपये वह जुए में हार गया। 30 हजार रुपये ही उसके पास बचा था। अगली रात उसने एक और घर को निशाना बनाया। इस बार गहने के अलावा डेढ़ लाख रुपये मिले। वह चोरी करके जा रहा था। तभी लोग जाग गए। इस पर उसे छत से कूदना पड़ा। वह घायल हो गया। यहां भी जो रुपये मिले, उनमें कुछ रकम से जुआ खेला। रकम हार गया। 32 हजार बच गए।
कुछ रकम नशा करने में खर्च कर दिया था। चोरी में मां, पत्नी, बहन और बहनोई पवन उसकी सहायता करते हैं। परिजन दिन में घरों और दुकानों की रेकी करते हैं। रात में वह चोरी करता है। जो गहने और रकम मिलती है, उसे आपस में बांट लेते हैं। पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल भेजा गया था। उसके पास से कुल 59 हजार 500 रुपये मिले हैं।