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‘ये सुरखी हमारे आगरा की है’

Sun, 15 Feb 2015 01:55 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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‘ये सुरखी हमारे आगरा की है’। इसी संदेश के साथ मुहब्बत के लाल रंग में डूबे शहर और इसकी संस्कृति को दिल्ली की अमृता मदान ने कागज पर न केवल उकेरा, बल्कि ब्रांड आगरा के तौर पर अव्वल भी बना दिया। सीनियर वर्ग में दिल्ली की अमृता अव्वल रहीं तो जूनियर वर्ग में आगरा की अनुष्का विजेता रहीं। प्रीती गुप्ता फाइनलिस्ट की श्रेणी में रहीं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ताज नेचर वॉक में मेरा आगरा प्रतियोगिता के दोनों वर्गों के कुल 10 विजेताओं को पुरस्कार दिया।
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ताज नेचर वॉक में शनिवार को मेरा आगरा प्रतियोगिता के सीनियर और जूनियर वर्ग के पांच-पांच विजेताओं को पुरस्कार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्नी एवं सांसद डिंपल यादव, केबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह, ओम प्रकाश सिंह और नीदरलैंड के उप राजदूत केसबेन सोम ने प्रदान किए। देश भर के सात हजार प्रतिभागियों में से सीनियर वर्ग में दिल्ली की अमृता मदान विजेता रहीं। जूनियर वर्ग में आगरा की दिल्ली पब्लिक स्कूल की दो छात्राएं अनुष्का और प्रीती गुप्ता जीतीं। अनुष्का को दो लाख रुपये और प्रीती को 50 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदेश सरकार ने दिया। फर्स्ट रनर अप में अहमदाबाद की तृप्ति श्रीवास्तव और राहिल कोष्टि जीते। कुल 12.50 लाख रुपये के पुरस्कार मेरा आगरा में दिए गए। मेरा आगरा में सबसे ज्यादा प्रविष्टियां बिहार से आई थीं। जिस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार से अब हमारा रिश्ता भी बन रहा है।

18 वर्ष से कम के परिणाम और पुरस्कार
प्रथम    अनुष्का सिंह    दो लाख रुपये
द्वितीय    राहिल कोष्टि    एक लाख रुपये
फाइनलिस्ट    ओसामा जिया खान, प्रीती गुप्ता, रुचि तिवारी    50 हजार रुपये

18 वर्ष से अधिक वर्ग में परिणाम और पुरस्कार
प्रथम    अमृता मदान    3 लाख रुपये
द्वितीय    तृप्ति श्रीवास्तव    2 लाख रुपये
फाइनलिस्ट    प्रदीप देबनाथ, बालाजी, अमित रंजन    एक लाख रुपये

विजेताओं से बातचीत
ताज के शहर को मुहब्बत का लाल रंग दिया
आगरा। सीनियर वर्ग में दिल्ली की अमृता मदान को पहला पुरस्कार दिया गया। दादरी के सुशांत स्कूल आफ ड्राइंग में डिजायनिंग की शिक्षिका और अपना ग्राफिक डिजायन स्टूडियो चला रहीं अमृता पहला पुरस्कार पाकर बेहद खुश थीं। अमृता ने कहा कि ‘मेरा आगरा’ की डिजायन के लिए उन्होंने आगरा आकर शहर को महसूस किया। आगरा की खूबियों, संस्कृति, उद्योग और आर्किटेक्चर को जाना और उसे कागज पर उकेरा। आगरा मुहब्बत का शहर है और मुहब्बत का रंग लाल है, इसलिए आगरा को लाल रंग में रंगते हुए उन्होंने डिजायन बनाया। ताज की लाल रंग से ब्रांडिंंग आसान रहेगी। दरअसल, हालैंड नारंगी रंग और जयपुर पिंक सिटी के रूप में पहले ही प्रचारित है। इसी तरह आगरा का यह लाल रंग मुहब्बत को बयां करेगा।
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ताज के अलावा भी है मेरा आगरा
आगरा। दिल्ली पब्लिक स्कूल की कक्षा 9 की छात्रा अनुष्का सिंह ने जूनियर वर्ग में पहला स्थान पाया तो स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूल की एक और छात्रा प्रीती गुप्ता फाइनलिस्ट के तौर पर प्रतियोगिता में जगह बना पाई। अनुष्का सिंह ने कहा कि बचपन से उन्होंने जैसा आगरा देखा और समझा, उसी को कागज पर उकेर दिया। आगरा का पेठा, पच्चीकारी, बुलंद दरवाजा और ट्रांसपोर्टेशन को अपनी डिजायन में जगह दी है। अनुष्का के पिता राजेश कुमार और मां डा. नीतू कुशवाह के लिए यह पल गर्व के थे, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेटी को पुरस्कृत किया। अनुष्का की मां डा. नीतू ने उन्हें ड्राइंग के लिए गाइड किया तो डिजायन के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल के ड्राइंग टीचर पंकज वर्मा ने उन्हें राह दिखाई। अनुष्का द्वारा पहला पुरस्कार पाने के बाद पूरे स्कूल में जश्न मनाया गया।


निवासी न सही, अपना लगता है शहर
जूनियर वर्ग में फाइनलिस्ट रुचि तिवारी भोपाल के कारमेल कांवेंट स्कूल में 11 वीं कक्षा की छात्रा हैं। पिता राजेंद्र तिवारी के साथ वह पुरस्कार लेने आगरा आईं। उन्होंने कहा कि आगरा को वेबसाइट, टीवी और किताबों में जितना देखा था, उसी के आधार पर डिजायन तैयार की थी। नोएडा के समरवेल स्कूल के कक्षा 9 के छात्र ओसामा जिया खान ने भी आगरा को अपनी निगाहों से दिखाया। ओसामा अपने पिता जियाउद्दीन अहमद खां, मां तलत अब्बास और भाई बहनों के साथ पुरस्कार लेने आए। अहमदाबाद के राहिल कोष्टि को दूसरा पुरस्कार मिला। 12 वीं के छात्र राहिल अहमदाबाद के रिवर साइड स्कूल में पढ़ते हैं। वह डिजायनिंग के छात्र रहे हैं। राहिल के पिता राजेश सिविल इंजीनियर हैं और मां शिक्षिका। राहिल ग्राफिक डिजायनर बनना चाहते हैं।
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