आगरा। बोर्ड ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से खेल चुके क्रिकेटर रमेश सुराना ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में कला, धैर्य और तकनीक लगभग खो चुकी है। यह खेल अब मुख्य रूप से रोमांच और चकाचौंध पर आधारित हो गया है। अस्सी के दशक में गुंडप्पा विश्वनाथ और ब्रजेश पटेल जैसे दिग्गजों के साथ खेलने वाले सुराना सोमवार को आगरा पहुंचे थे।
सुराना मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं, लेकिन उनका परिवार कई पीढ़ियों से बेंगलूरू में बस गया है। उन्होंने कहा कि हमारे दौर में बल्लेबाज़ी की नींव तकनीक, टाइमिंग और विकेट पर टिके रहने पर होती थी।आज बल्लेबाज पहली गेंद से ही हवाई शॉट्स खेलने को तैयार रहते हैं।
उन्होंने टीम इंडिया की मौजूदा टेस्ट बल्लेबाज़ी पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारे समय के खिलाड़ियों के लिए यह मानना मुश्किल है कि भारतीय बल्लेबाज स्पिन के सामने इतनी जल्दी टूट जाते हैं। स्पिन तो हमारी सबसे बड़ी ताकत थी। सुराना ने कहा कि युवा खिलाड़ी अगर बड़े स्तर तक पहुंचना चाहते हैं तो सही तकनीक, पैरों की मूवमेंट और गेंद को देर से खेलने की कला को विकसित करें। यही वह कौशल है जो भविष्य में भी उन्हें अलग पहचान देगा।