कासगंज। अमांपुर कोतवाली में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले की अब मजिस्ट्रेटी जांच होगी। जिलाधिकारी सुधा वर्मा ने इस संबंध में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सहावर तहसील के एसडीएम को यह जांच का जिम्मा सौंपा है। एसडीएम पूरे मामले की बारीकी से जांच करेंगे कि किन परिस्थितियों में युवक की मौत हुई।3 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने रसलुआ सुलहपुर गांव के युवक गौरव को एक किशोरी के अगवा होने के मामले में हिरासत में लिया था। पुलिस लगातार उसे 6 दिन तक अभिरक्षा में रखे रही। लगातार पुलिस अभिरक्षा में रहने के कारण युवक तनाव में था। 9 फरवरी को युवक ने थाना परिसर के महिला शौचालय में मफलर से फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। इस कोशिश में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान 14 फरवरी को उसकी मौत हो गई।इससे पहले पुलिस की अभिरक्षा में युवक द्वारा आत्महत्या की कोशिश करने के इस मामले को लेकर 9 फरवरी को अमांपुर थाने में जबरदस्त बवाल हुआ। पत्थरबाजी हुई। ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की और पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। मृतक युवक के पिता रघुराज ने पांच पुलिसकर्मियों को नामजद कराया वहीं किशोरी के पिता व एक रिश्तेदार को भी नामजद कराया है। पिता के द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी की विवेचना अभी चल रही है। इस मामले की अब मजिस्ट्रेटी जांच भी होगी। जिलाधिकारी सुधा वर्मा ने सहावर के एसडीएम प्रेमनरायन को जांच सौंपी है।