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आगरा मुठभेड़ः प्रकाशपुरम का अंधेरा बना बदमाशों का साथी, लोगों ने बंद कर लिए दरवाजे

Sat, 29 Jul 2017 06:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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किसी ने घरों से बाहर निकले की हिम्मत नहीं जुटाई - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के कालिंदी विहार सौ फुटा रोड स्थित अंबेडकर पार्क के सामने प्रकाश पुरम में एकाएक शनिवार तड़के फायरिंग से दहशत फैल गई। सिपाही चोर-चोर चिल्लाते रहे, लेकिन किसी ने घरों से बाहर निकले की हिम्मत नहीं जुटाई। बदमाशों के गोली चलाने पर लोगों ने दरवाजे तक बंद कर लिए। यही वजह रही कि बदमाश आसानी से भाग निकले। 
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 4:20 बजे बदमाशों को घेरने के बाद सिपाहियों ने चोर-चोर कहा। आवाज सुनकर कुछ लोग घरों से बाहर निकलकर आए। दो बदमाशों को सिपाहियों ने पकड़ रखा था, जबकि तीसरा बदमाश फायरिंग कर रहा था। यह देखकर किसी ने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत तक नहीं जुटाई। 

घरों के खिड़की दरवाजे भी बंद कर लिए। बदमाशों के भागने पर मोहल्ले के लोग आए, लेकिन किसी ने बदमाशों की घेराबंदी भी नहीं करने की हिम्मत जुटाई। जिस वक्त सिपाहियों ने बदमाशों को पकड़ा था, उस समय कुछ लोग मार्निंग वाक पर भी निकल रहे थे। वह भी वापस घरों में चले गए। 
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प्रकाश पुरम में काफी अंधेरा भी रहता है। यहां पर प्रकाश की उचित व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई बार नगर निगम को लाइट लगवाने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता है। मोहल्ले में हर वक्त असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। 

प्रकाश पुरम मोहल्ला में दो रास्ते हैं। एक जीवन नगर की ओर जाता है तो दूसरा जलेसर रोड स्थित नाऊ की सराय के लिए निकल जाता है। दो बदमाश जीवन नगर तो दो नाऊ की सराय की तरफ भागे। 
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मदद को आगे आए रिटायर्ड एचसीपी

मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सिपाहियों का शोर सुनकर रिटायर्ड एचसीपी चंदन सिंह घर से बाहर आ गए। बाद में उनका बेटा संतोष और पड़ोसी कुलदीप भी बाहर आ गया। चंदन सिंह ने बताया कि जब वह बाहर आए तब बदमाश भागते हुए जा रहे थे। सिपाही सतीश के गोली लगी हुई थी। उसे किसी तरह चारों ने मिलकर उठाया।

मगर, वह बाइक पर नहीं बैठ सका। इस पर एक आटो को बुलाया। इसके बाद नजदीक के अस्पताल लेकर चले गए। मगर, वहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद देहली गेट लेकर गए। चंदन सिंह पिछले साल डीआईजी आफिस से रिटायर्ड हुए थे। उनका एक बेटा भी सिपाही है। 
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