किशनी। जमानत सत्यापन को विलंब से भेजने पर तहसीलदार के पेशकार के साथ तस्दीक करवाने आए युवक से कहासुनी हो गई। इसके बाद वहां भीड़ जमा हो गई। मामले की सूचना पेशकार ने एसडीएम को दे दी। युवक ने एसडीएम के समक्ष माफी मांगी तो मामला शांत हो गया।
मंगलवार को तहसीलदार के पेशकार अश्वनी कुमार व संजीव यादव निवासी कृष्णानगर किशनी के बीच जमानत सत्यापन में विलंब होने पर कहासुनी हो गई। कहासुनी ज्यादा होने पर वहां भीड़ जमा हो गई। बताते हैं कि संजीव यादव का पुत्र जानलेवा हमले के मामले में जेल में निरुद्ध है। उसकी जमानत की सत्यापन पेशकार के पास थी। पेशकार का कहना था कि जमानत सत्यापन एक बजे जानी थी। संजीव इसको जल्दी भिजवाना चाहते थे। इसी को लेकर संजीव कहासुनी करने लगे।
मामले की सूचना पेशकार ने एसडीएम प्रसून कश्यप को दे दी। एसडीएम ने दोनों पक्षों को अपने चैंबर में बुलाकर सुना। संजीव यादव ने पेशकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इसके बाद मामला शांत हो गया। एसडीएम प्रसून कश्यप का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। कोई भी पक्ष किसी तरह की कार्रवाई नहीं करना चाहता है।