कारोबारी रजनीश खन्ना की खुदकुशी की बड़ी वजह बैंकों का कर्ज बताई जा रही है। वह लोन चुका नहीं पा रहे थे। इसकी वजह यह थी कि नोटबंदी ने उनकी कमर तोड़ दी थी।
परिवार के नजदीकी लोगों का कहना है कि वह नोटबंदी के समय बहुत परेशान रहे। उनकी काफी रकम बदल नहीं पाई थी। इसी कारण कर्ज नहीं चुका पा रहे थे।
अब नीरव मोदी केस के बाद बैंकों ने लोन डिफाल्टरों पर सख्ती की तो वह भी जद में आ गए। नोटिस पर नोटिस आने लगे। इससे उनकी हिम्मत टूट गई और परिणति खुदकुशी के रूप में सामने आई।
परिजन
- फोटो : अमर उजाला
उनकी भरतपुर हाउस में 250 वर्ग मीटर में आलीशान कोठी थी। इतनी ही जगह में भाई विनीत की कोठी थी। उसका कोल्ड स्टोरेज का काम है। कर्ज के कारण रजनीश को ढाई साल पहले कोठी बेचनी पड़ी।
कर्ज कुछ कम हुआ लेकिन पूरा नहीं चुक पाया। कुछ दिन की राहत मिली, लेकिन पिछले कुछ समय से फिर से नोटिस पर नोटिस शुरू हो गए। छह महीने पहले उन्होंने बेटी की शादी की।
इसके बाद लोगों ने उन पर दबाव बना दिया। सभी अपना पैसा लेने के लिए आ रहे थे। तगाजों से वह टूट गए थे। बेडरूम में ही उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर रखी रहती थी। इसे निकाला और खुदकुशी कर ली।
दर्द सीने में छिपाए मुस्कुराते रहे
मृतक कारोबारी
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रजनीश खन्ना का परिवार 70 साल पहले पंजाब से आकर आगरा में बसा था। उनके पिता प्रेम नारायण भी कारोबारी थे। उनका निधन हो चुका है। मां अरुना भरतपुर हाउस में बेटे विनीत केपास रहती हैं।
परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि जन्म दिन की पार्टी में वह सभी से बड़ी आत्मीयता से मिले। उनके मन में हलचल मची थी, लेकिन इसे छिपाए रहे। उनके चेहरे पर मुस्कुराहट थी। किसी को क्या खबर थी कि यह आखिरी मुलाकात होगी।