कासगंज। जमीन के विवाद की बहस की तारीख करने कोर्ट आए वादी की अधिवक्ता चैंबर में अचानक मौत हो गई। परिजन उनके शव को घर ले गए। घटना उस समय हुई जब कोर्ट रूम में वादी का नाम पुकारा जा रहा था। जब वह नहीं पहुंचे तो उनका भर्ती उन्हें बुलाने पहुंचा तो देखा कि ताऊ की मौत हो गई। यह घटना कोर्ट परिसर में चर्चा का विषय रही।वादी रामदास (78) निवासी गांव मिलकिनिया थाना क्षेत्र सोरोंजी का वर्ष 2006 से वासुदेव से चबूतरे का विवाद कोर्ट में चल रहा था। इसमें बुधवार को बहस की तारीख लगी थी। वह अपने अधिवक्ता के चैंबर में कुर्सी पर बैठे हुए थे। अचानक साइलेंट अटैक से उनकी मौत हो गई। लोगों ने समझा वह सो रहे हैं। भतीजा अमर सिंह कोर्ट में आवाज सुनने के लिए खड़ा था। कोर्ट से जैसे ही आवाज लगी वह अपने ताऊ को बुलाने के लिए उनके पास आया। अमर सिंह ने ताऊ को आवाज दी, लेकिन जब कोई जवाब नहीं आया तो उनको हिलाकर देखा। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जब लोगों को उनकी मौत की जानकारी हुई तो वे चकित रह गए। भतीजे अमर सिंह ने बताया कि चबूतरे का विवाद गांव के ही वासुदेव से चल रहा था। बहस की तारीख के चलते कोर्ट आए थे।