कासगंज का संयुक्त जिला अस्पताल ।
कासगंज। जिले में 58 हजार की आबादी पर औसतन मात्र एक चिकित्सक है। स्टाफ की कमी से मरीजों को परेशानी होती है। उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए अन्य जिलों तक दौड़ लगानी पड़ती है। जिले की आबादी करीब 17 लाख है। जिला घोषित हुए डेढ़ दशक से अधिक समय बीत गया है लेकिन यहां पर्याप्त और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अब तक मुहैया नहीं हो सकी हैं। चिकित्सकों की खासी कमी है। खासकर विभिन्न रोगों जैसे लिवर, किडनी, हृदय, त्वचा , नाक, कान, गला से संबंधित समस्या होने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अक्सर महसूस की जाती है। जनपद के सबसे प्रमुख सरकारी चिकित्सा स्थल जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 34 पद हैं। इन पदों के सापेक्ष मात्र 15 चिकित्सक ही वर्तमान में तैनात हैं। प्रतिदिन 1200 से 1800 तक मरीज उपचार के लिए आते हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें घंटों अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है। यहां वेंटिलेटर, पैथोलाॅजी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड की सुविधा है, लेकिन स्टाफ नहीं है। सीएमओ डॉ. राजीव अग्रवाल चिकित्सक व स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए शासन से मांग की गई है। फिलहाल उपलब्ध स्टाफ का बेहतर तरीके से प्रयोग किया जा रहा है।