कोरोना महामारी से जूझ रहे ताजनगरी के लिए बुधवार का दिन यादगार बन गया। बुधवार को एसएन मेडिकल कॉलेज का कोविड अस्पताल पूरी तरह से खाली हो गया। अब निजी अस्पताल में ही कोरोना के महज तीन मरीज भर्ती हैं।
सात मार्च को एसएन मेडिकल कॉलेज में पहला मरीज भर्ती हुआ था। इसमें दस फरवरी तक 1816 संक्रमित भर्ती हुए। इनमें से 210 मरीजों की मौत हो गई, जिसमें आगरा के 172 मरीज रहे। बाकी के मरीज आसपास के जिलों के थे।
डीएम प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि बुधवार को एक मरीज मिलने के बाद 11 महीनों में जिले में कुल 10,509 संक्रमित हुए। इनमें से 10,312 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए हैं। सक्रिय मरीज 25 हैं, इनमें से तीन मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं, जो रवि हॉस्पिटल में हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में एक मरीज भर्ती था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अब एसएन में कोई मरीज नहीं है।
इस खबर से चिकित्सक में खुशी
एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर समेत नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी, वार्ड ब्वॉय सभी का योगदान रहा। अब एक भी संक्रमित मरीज नहीं है। इस खबर से चिकित्सकों में बड़ी खुशी है।
-डॉ. प्रभात अग्रवाल, वरिष्ठ चिकित्सक
परिजनों के समान ख्याल रखा
आईसीयू में मरीजों का अपने परिजनों की तरह ख्याल रखा। वार्ड ब्वॉय-डॉक्टरों ने मरीजों को हाथ से खाना तक खिलाया। अब यही उम्मीद है कि किसी भी संक्रमित को भर्ती होने की जरूरत न पड़े।
-डॉ. अनामिका मिश्रा, सह प्रभारी कोविड आईसीयू
सितंबर में सबसे ज्यादा, मार्च में सबसे कम मरीज हुए भर्ती
आगरा में कोरोना वायरस का पहला मरीज तीन मार्च को मिला था। इस महीने में 12 मरीज मिले, जिसमें से छह मरीज एसएन कॉलेज में भर्ती हुए। इसके बाद सबसे ज्यादा मरीज सितंबर में भर्ती हुए। इस महीने 382 मरीज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किए गए। इसी महीने एसएन का 100 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड फूल हो गया था, दूसरे 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड में भी 60 मरीज भर्ती थे।
महीना मरीज
मार्च 06
अप्रैल 143
मई 213
जून 172
जुलाई 181
अगस्त 239
सितंबर 382
अक्तूबर 175
नवंबर 201
दिसंबर 70
जनवरी 33
फरवरी 01
दस फरवरी शून्य
अब तक 10509 संक्रमित मरीज मिले
तीन मार्च को पहला संक्रमित मरीज मिला
सात मार्च को एसएन में पहला मरीज भर्ती
सात अप्रैल को संक्रमण से एसएन में पहली मौत