मैनपुरी। घंटाघर स्थित लाल सूरजभान सिंह पुस्तकालय में 25 जुलाई की रात लाल सूरजभान सिंह की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. राममोहन ने कहा कि वर्तमान की देव प्रतिमाओं के मंदिर ये पुस्तकालय ही हैं। इन्हें संरक्षित, सुसज्जित और उपयोगी बनाए जाने की जरूरत है।
मुख्य अतिथि ने प्रथम सत्र में कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती, रानी जुवराज कुंवरि और लाल सूरजभान सिंह के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया। कार्यक्रम अध्यक्ष साहित्यकार श्रीकृष्ण मिश्र ने बताया कि रानी जुवराज कुंवरि ने अपने एकलौते पुत्र की स्मृति में लाल सूरजभान सिंह पुस्तकालय की स्थापना घंटाघर चौक में कराई थी। मुख्य अतिथि डाॅ. राममोहन ने पुस्तकालय के विकास के लिए 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तकालय मां सरस्वती के जीवंत मदिर है। जो हमें एक आदर्श मानव बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर संयाेजक सुनील वर्मा लालू, रामप्रकाश पांडेय, केशव शरण सक्सेना, डॉ. चंद्रमोहन सक्सेना आदि मौजूद रहे।
द्वितीय सत्र में यहां काव्य पाठ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य जगदीश चंद्र त्रिपाठी ने की। यहां कवि बदन सिंह मस्ताना, वासुदेव मिश्र, संदेश चौहान, संजय दुबे, प्रबोध भदौरिया आदि ने कविता पाठ किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश वर्मा, महाराम सिंह, सेंद्र पाठक, सतीश चंद्र दुबे, डॉ. आशा सक्सेना आदि लोग मौजूद रहे।