मैनपुरी। भीषण गर्मी के बीच मैनपुरी में स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा संकट मंडरा रहा है। जिले की करीब 25 लाख की आबादी के लिए जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में मात्र 25 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। यह स्थिति तब है जब गर्मी के मौसम में एनीमिया के मरीज तेजी से बढ़े हैं। अगर कोई महामारी फैलती है या कोई बड़ा संकट आता है, तो जिले के लोगों के लिए खून उपलब्ध कराना बेहद मुश्किल हो जाएगा। डॉक्टरों ने नागरिकों को गर्मी में अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है। जिले में दो निजी ब्लड बैंक होने के बावजूद, लोग सरकारी अस्पताल की ब्लड बैंक से ही खून लेना पसंद करते हैं, लेकिन वहां स्थिति चिंताजनक है। पहले केवल नेगेटिव ब्लड ग्रुप में ही कमी थी, लेकिन अब पॉजिटिव ग्रुप में भी खून का संकट गहरा गया है। ए पॉजिटिव और ए नेगेटिव दोनों ही ग्रुप में केवल एक-एक यूनिट ब्लड बचा है, जिसे विशेष स्थितियों के लिए आरक्षित रखा गया है। एबी पॉजिटिव और एबी नेगेटिव की स्थिति भी ऐसी ही है। जिले में थैलेसीमिया के मरीजों की बढ़ती संख्या (वर्तमान में 39 मरीज) ब्लड बैंक के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इन मरीजों को महीने में दो बार खून चढ़ाना पड़ता है और इनके तीमारदारों से बदले में खून नहीं लिया जाता। डायलिसिस और प्लास्टिक एनीमिया के मरीजों की बढ़ती संख्या भी ब्लड बैंक की चिंता बढ़ा रही है।