मैनपुरी। शिक्षा सत्र 2023-24 में शिक्षकों की कमी से जूझते रहे राजकीय कॉलेजों के सामने सत्र 2024-25 में संकट के बादल हैं। चिंता की बात तो यह है कि गणित और विज्ञान विषय की पढ़ाई आखिर विभाग कैसे पूरी कराएगा। राजकीय कॉलेजों में बड़ी संख्या में गणित और विज्ञान शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों के 22 में से प्रधानाचार्य के 12 पद रिक्त चल रहे हैं। 43 पदों के सापेक्ष मात्र 10 पुरुष प्रवक्ताओं की तैनाती है 33 पद रिक्त हैं। महिला प्रवक्ता के 55 पद में से 17 की ही तैनाती है। 38 पद रिक्त चल रहे हैं। सहायक अध्यापकों की बात करें तो जिले में 68 पुरुष सहायक अध्यापकों की तैनाती है इनमें 36 की तैनाती है 32 पद रिक्त चल रहे हैं। महिला सहायक अध्यापकों की बात करें तो 111 पदों के सापेक्ष 49 की तैनाती है जबकि 62 पद रिक्त चल रहे हैं।
शिक्षा सत्र 2023-24 में राजकीय काॅलेजों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी के कारण बड़ी समस्या आई थी। बोर्ड परीक्षार्थियों का प्रयोगात्मक कार्य कराने तक के लिए शिक्षक नहीं थे। ऐसे में प्रधानाचार्यों की मांग पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने बेसिक शिक्षा विभाग से विज्ञान के शिक्षकों को नजदीकी राजकीय कॉलेजों में विज्ञान शिक्षा और प्रयोगात्मक शिक्षा के लिए मदद मांगी थी।
स्थानांतरण में और कम हो सकती है शिक्षकों की संख्या
वर्तमान समय में राजकीय कॉलेजों में स्थानांतरण की कार्रवाई चल रही है। ऐसे में जिले में 10 से 20 शिक्षकों की और कमी आ सकती है। यदि ऐसा हुआ तो राजकीय कॉलेजों की स्थिति और बदहाल हो जाएगी। क्यों की बाहरी जिलों से जिले में आने वाले शिक्षकों की संख्या कम रहती है जबकि जाने वाले शिक्षकों की संख्या अधिक रहती है। अभी भी 30 शिक्षकों ने बाहर जाने के लिए आवेदन किया है।
शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। जिले में छात्र संख्या के अनुसार अस्थाई रूप से शिक्षकों की तैनाती कर व्यवस्थाएं संभालने का कार्य किया जा रहा है। - अजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक